ICC और BCCI में बढ़ी तकरार:वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट के आयोजन के लिए नीलामी सिस्टम के खिलाफ है भारतीय बोर्ड



ICC और BCCI में बढ़ी तकरार:वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट के आयोजन के लिए नीलामी सिस्टम के खिलाफ है भारतीय बोर्ड
दो बार हार्ट अटैक झेलने के बाद सौरव गांगुली फिर से काम पर लौट आए हैं। - Dainik Bhaskar
दो बार हार्ट अटैक झेलने के बाद सौरव गांगुली फिर से काम पर लौट आए हैं।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) एक बार फिर टकराव की राह पर है। ICC 2023 से 2031 तक के लिए वर्ल्ड कप सहित अपने सभी टूर्नामेंटों की मेजबानी नीलामी सिस्टम के आधार पर बांटना चाहता है। वहीं, BCCI चाहता है कि इन आयोजनों की मेजबानी पहले की तरह रोटेशन के हिसाब से ही मिले।

सौरव गांगुली शामिल हुए थे ICC मेंबर्स की बैठक में
2023 से 2031 तक होने वाले ICC इवेंट्स पर चर्चा के लिए गत बुधवार को बैठक हुई थी। इसमें प्रेसिडेंट सौरव गांगुली ने BCCI का प्रतिनिधित्व किया था। हार्ट अटैक के कारण दो बार अस्पताल में भर्ती होने के बाद गांगुली पहली बार किसी बैठक में उपस्थित हुए हैं। ऐसा नहीं है कि ICC के इस फैसले से सिर्फ BCCI ही नाराज है। क्रिकेट जगत में बिग थ्री में शामिल अन्य दो देश इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया भी इससे खुश नहीं है। आम तौर ज्यादातर बड़े ICC इवेंट भारत, इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया में ही आयोजित होते रहे हैं।

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20 ग्लोबल टूर्नामेंट के लिए मेंबर्स को भेजा था ई-मेल
ईएसपीएन की रिपोर्ट के मुताबिक ICC ने पिछले साल फरवरी में 2023 से 2031 तक 8 साल के साइकिल के लिए 20 ग्लोबल टूर्नामेंट के लिए सभी फुल, एसोसिएट और एफिलिएट सदस्यों को ई-मेल भेजा था। इसमें सदस्यों से कहा गया था कि अगर वे किसी टूर्नामेंट का आयोजन करना चाहते हैं तो टेंडर सबमिट करें। ICC के मेल पर जिन बोर्ड ने रुचि दिखाई थी उसमें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) भी शामिल है। PCB ने कहा था कि वह UEA बोर्ड के साथ मिलकर बोली जमा करना चाहता है। दूसरी ओर भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने इस मेल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

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एक्स्ट्रा इवेंट के पक्ष में नहीं है BCCI
ICC की योजना है कि 2023 से 2031 तक हर साल कम से कम एक ग्लोबल इवेंट आयोजित हो। इसके लिए इवेंट साइकिल में एक्स्ट्रा टूर्नामेंट जोड़ना होगा। BCCI, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) और ECB इसके पक्ष में नहीं हैं। ICC ने अक्टूबर 2019 में यह फैसला लिया था कि वह 2023 से हर साल एक ग्लोबल इवेंट कराएगी। BCCI की आपत्ति है कि जब यह फैसला लिया गया तब भारत में क्रिकेट बोर्ड का प्रशासन इलेक्टेड बॉडी के हाथों में नहीं था। सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन के मुताबिक उस समय एडहॉक कमेटी काम-काज देख रही थी।

प्राथमिकता चाहता है बिग थ्री
भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के क्रिकेट बोर्ड बड़े ICC टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए प्राथमिकता चाहते हैं। इनका मानना है कि जब क्रिकेट से जुड़ा अधिकांश रेवेन्यू इन्हीं देशों से आता है तो आयोजन में भी इनको प्राथमिकता मिलनी चाहिए। खुद सौरव गांगुली अफ्रीका में वनडे वर्ल्ड कप और अमेरिका में टी20 वर्ल्ड कप के आयोजन के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन, उनका मानना है कि भारत को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसके लिए बोली लगाने की अनिवार्यता नहीं होनी चाहिए।

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ओलिंपिक या फुटबॉल वर्ल्ड कप से न हो तुलना
भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि क्रिकेट टूर्नामेंट की तुलना ओलिंपिक या फुटबॉल वर्ल्ड कप से नहीं होनी चाहिए। सैकड़ों देश उनमें हिस्सा लेते हैं। क्रिकेट आयोजन के लिए सबसे बेहतरीन इन्फ्रास्ट्रक्चर भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में है। इन्हें उपेक्षित कर छोटे देशों में आयोजन की बात सोचना उचित नहीं है।

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