भारतीय नौसेना ने अरब सागर में समुद्री लुटेरों द्वारा अगवा किये 19 पाकिस्‍तान नाविकों को बचाया

नई दिल्‍ली : नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सुमित्रा ने 24 घन्टे में दो जहाज को समुद्री लुटेरे से बचाया. एंटी पायरेसी ऑपेरशन में तैनात आईएनएस सुमित्रा को मदद के लिये कॉल आया. मछली पकड़ने वाले इस जहाज में 19 पाकिस्तानी थे. समुद्री लुटेरों ने इनको बंधक बना लिया था. नौसेना ने पाकिस्तानी बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाला. पिछले 24 घन्टे में आईएनएस सुमित्रा ने 19 पाकिस्तानी और 17 ईरानी को समुद्री लुटेरों से बचाया.



 

 

ईरान के झंडे वाले जहाज पर सवार थे 19 पाकिस्‍तानी
पहली घटना अरब सागर की है. लुटेरों ने यहां ईरान के झंडे वाले जहाज और उसमें सवार चालक दल के सदस्यों को बंधक बना लिया. इसके बाद भारतीय नौसेना ने अपने युद्धपोत आईएनएस सुमित्रा को भेजकर सभी को सुरक्षित निकाल लिया. भारतीय नौसेना ने एक बयान जारी कर कहा कि 29 जनवरी को उसने अल-नईमी को बचाने के लिए अभियान चलाया. इसमें सवार क्रू के सभी 19 सदस्य पाकिस्तानी नागरिक हैं.

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अदन की खाड़ी में तैनात है INS सुमित्रा

भारतीय नौसेना के स्वदेशी गश्ती जहाज आईएनएस सुमित्रा को सोमालिया के पूर्व और अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती को रोकने और समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए तैनात किया गया है. 28 जनवरी को युद्धपोत ने एक ईरानी ध्वज वाले मछली पकड़ने वाले जहाज (एफवी) इमान के अपहरण के संबंध में एक संकट संदेश का जवाब दिया था, जिस पर समुद्री डाकू और चालक दल को बंधक बना लिया गया था. एफवी को आईएनएस सुमित्रा द्वारा रोक लिया गया था और एसओपी का पालन करते हुए और जहाज और उसके चालक दल (17 ईरानी नागरिकों) को 29 जनवरी को सुरक्षित रूप से बचा लिया गया था. एफवी इमान को साफ कर दिया गया था और आगे के लिए रवाना क दिया गया.

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36 घंटे से भी कम में 2 जहाजों को बचाया

आईएनएस सुमित्रा ने 36 घंटे से भी कम समय में, तेज, निरंतर और अथक प्रयासों के माध्यम से कोच्चि के लगभग 850 एनएम पश्चिम में दक्षिणी अरब सागर में 36 चालक दल (17 ईरानी और 19 पाकिस्तानी) के साथ दो अपहृत मछली पकड़ने वाले जहाजों को बचाया है. व्यापारिक जहाजों पर समुद्री डकैती के आगे के कृत्यों के लिए इन मछली पकड़ने वाले जहाजों को मदर शिप के रूप में उपयोग किया जाता है.

 

 

 

भारतीय नौसेना ने समुद्र में सभी नाविकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी समुद्री खतरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए क्षेत्र में एक बार फिर अपनी प्रतिबद्धता साबित की है.

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