




सक्ती. विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ थर्मल पावर प्लांट (व्हीएलसीटीपीपी) की ओर से सक्ती के क्षय रोग से पीड़ित 50 मरीजों को पोषण आहार प्रदान किए गए. जेठा स्थित कलेक्टर कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में सक्ती कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने जिला प्रशासन, व्हीएलसीटीपीपी एवं राज्य क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अधिकारियों की उपस्थिति में क्षय रोग पीड़ितों को पोषण आहार किट प्रदान किए. प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत व्हीएलसीटीपीपी ने क्षय रोग से पीड़ित मरीजों को उनके निक्षय मित्र के तौर पर छह महीने तक पोषण सहायता प्रदान करने की कटिबद्धता जताई है. क्षय रोग के उन्मूलन की दिशा में भारत सरकार द्वारा संचालित मिशन में योगदान तथा सामुदायिक स्वास्थ्य की मजबूती की दिशा में व्हीएलसीटीपीपी की यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है.

निक्षय मित्र भारत के फ्लैगशिप टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक पहल है. इसके तहत उद्योगों, व्यक्तियों और संस्थानों को क्षय के मरीजों को पोषक आहार उपलबध कराने, रोग की जांच एवं उपचार में सहायता के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.
वर्तमान में सक्ती जिले में टीबी के लगभग 250 रोगी हैं. जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से चिह्नित रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्राथमिकता के आधार पर पोषण संबंधी मदद दी जा रही है. वेदांता पावर के सामुदायिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम ‘आरोग्य’ के अंतर्गत अत्याधिक जरूरतमंद रोगियों को प्रतिमाह पोषण किट दिए जाएंगे. इस किट में दालें, फलियां, सोया-आधारित सप्लीमेंट और खाना पकाने के तेल शामिल हैं ताकि मरीजों को भरपूर कैलोरी और प्रोटीन मिल सके.
पोषाहार वितरण कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ वासु जैन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूजा अग्रवाल, स्टेट पीएमटीबीएम कंसल्टेंट दीक्षा पुरी, जिला क्षय अधिकारी डॉ. संत राम सिदार, जिला कार्यक्रम समन्वयक विनोद राठौर और वेदांता पावर सेक्टर की सीएसआर प्रमुख कृतिका भट्ट उपस्थित थीं.
व्हीएलसीटीपीपी के सहयोग की सराहना करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पूजा अग्रवाल ने कहा कि ‘‘क्षय रोग राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में गंभीर चुनौती बना हुआ है.।उपचार और पोषण संबंधी कमियों को दूर करने में कॉर्पोरेट की भागीदारी अहम है. निक्षय मित्र के रूप में व्हीएलसीटीपीपी के योगदान से जरूरतमंद रोगियों को मदद मिल रही है. कंपनी की प्रतिबद्धता से प्रत्येक रोगी को उपचार के दौरान पोषण संबंधी देखभाल और सम्मान के साथ स्वस्थ्य जीवन का निर्माण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.’’
छह महीने की सहायता अवधि के दौरान व्हीएलसीटीपीपी सभी 50 रोगियों की स्वास्थ्य प्रगति की निगरानी के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम करेगा.
निक्षय मित्र कार्यक्रम पर वेदांता पावर बिजनेस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजिंदर सिंह आहूजा ने कहा कि ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत बनाने के विजन के अनुरूप वेदांता पावर हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर है. टीबी की चुनौती से निपटने के लिए सरकारों, स्वास्थ्य सेवा संस्थानों, उद्योगों और समुदायों को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है. 50 रोगियों को छह महीने की पोषण सहायता प्रदान कर हमारा लक्ष्य उपचार के परिणामों को बेहतर बनाना तथा उन्हें स्वस्थ व मजबूत जीवन जीने में मदद करना है.’’
व्हीएलसीटीपीपी के मुख्य प्रचालन अधिकारी देवेंद्र कुमार पटेल ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन के समन्वयन में काम करने हेतु व्हीएलसीटीपीपी तत्पर हैं. हमारा प्रयास टीबी के मरीजों को पूर्ण रूप से स्वस्थ बनने में मदद करना है, ताकि वे मुख्य धारा से जुड़कर देश के उत्तरोत्तर विकास में योगदान कर सकें. पटेल ने टीबी मरीजों को उत्तम स्वास्थ की शुभकामनाएं दीं.
क्षय उन्मूलन अभियान में योगदान के साथ ही व्हीएलसीटीपीपी की ओर से ग्राम पंचायत सिंघीतराई, निमोही एवं ओड़ेकेरा में पीएचडी रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन के सहयोग से निःशुल्क चलित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता है. चलित स्वास्थ्य इकाई में एमबीबीएस डॉक्टर के साथ अन्य प्रशिक्षित चिकित्साकर्मी सेवाएं दे रहे हैं. पूर्व निर्धारित स्थानों पर प्रतिदिन स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं जहां जरूरतमंदों को निःशुल्क परामर्श और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएग. मुधमेह, उच्च रक्तचाप, खून की कमी सहित अन्य सामान्य बीमारियों की जांच की सुविधा इकाई में मौजूद हैं. सामान्य बीमारियों के लिए दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध हैं. अब तक आयोजित शिविरों से लगभग 700 जरूरतमंद लाभान्वित हुए हैं.
वेदांता पावर के बारे में: वेदांता समूह भारत के सबसे बड़े निजी थर्मल ऊर्जा उत्पादकों में से एक है, जिसके पास 12,000 मेगावाट से अधिक थर्मल पावर उत्पादन करने की क्षमता है. देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने और उत्पादन में केंद्रीय भूमिका निभाने के लिए वेदांता पावर समर्पित है. वेदांता पावर के प्लांट मानसा, पंजाब (तलवंडी साबो पावर लिमिटेड), सिंघीतराई, छत्तीसगढ़ (वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ थर्मल पावर प्लांट), तिरुपति, आंध्र प्रदेश (मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड) और झारसुगु़ड़ा, ओडिशा (झारसुगुड़ा आईपीपी प्लांट) स्थित हैं. इन संयंत्रों की कुल स्थापित क्षमता 4,780 मेगावाट है, जो देश भर में विभिन्न डिस्कॉम, उपयोगिताओं और उद्योगों को ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं.





