IPL 2026 के पहले 7 मैचों का एनालिसिस: चेज करने वाली टीम का दबदबा, रन रेट में उछाल और औसत स्कोर में गिरावट

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का पहला हफ्ता खत्म होने के साथ ही खेल के समीकरणों में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। पिछले सीजन (2025) की तुलना में इस बार चेज करने वाली टीम का पलड़ा भारी है और गेंदबाजों की रणनीति में भी काफी अंतर नजर आ रहा है। टॉस का रोल काफी अहम दिख रहा है। साथ ही तेज गेंदबाज रन गति पर लगाम नहीं लगा पा रहे हैं। हालांकि, स्पिनर्स काफी हद तक रन गति को कंट्रोल कर रहे हैं।



टॉस बना ‘विजेता’: चेजिंग टीमों का बोलबाला
19वें सीजन के पहले 7 मैचों में टॉस जीतकर गेंदबाजी करना सबसे सफल मंत्र साबित हुआ है।

चेजिंग का राज: 7 में से 6 मैच (85.7%) बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने जीते।

केवल सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) इकलौती टीम रही जिसने पहले बल्लेबाजी करते हुए 226 रन बनाकर जीत दर्ज की।
आईपीएल 2026 के छठे मुकाबले में हैदराबाद ने कोलकाता नाइटराइडर्स को 65 रन से हराया था।

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2025 में इसके उलट पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमें (57%) अधिक सफल रही थीं।

पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 4 (57%) मैच जीते। चेज करते हुए 3 मैच में जीत मिली।
पहले बल्‍लेबाजी करने वाली टीम ने 4 और लक्ष्‍य का पीछा करने वाली टीम ने 3 मैच में जीते थे।

रन रेट में उछाल, लेकिन औसत स्कोर में गिरावट
भले ही इस सीजन औसत स्कोर पिछले साल से 8 रन कम रहा है, लेकिन खेल की रफ्तार बढ़ गई है।

हाई-स्कोरिंग चेज: 14 पारियों में से 7 बार 200 से ज्‍यादा रन बने। खास बात यह है कि इनमें से 3 बार 200+ का लक्ष्य सफलतापूर्वक चेज भी किया गया। आईपीएल 2025 की पहली 14 पारियों में 6 बार 200+ रन बने। सिर्फ एक बार 200+ चेज हो पाए।

पावरप्ले और डेथ ओवर्स
टीमों ने पहले 6 ओवरों में 10.2 की औसत से रन बटोरे हैं, जबकि डेथ ओवर्स (अंतिम 4 ओवर) में रन रेट 12.8 तक पहुंच गया है, जो पिछले सीजन (11.5) से काफी ज्यादा है।

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स्पिनर्स की ‘कंजूसी’ बनाम पेसर्स की ‘विकेट टेकिंग’
किफायती स्पिन: स्पिनर्स ने 8.5 की इकोनॉमी से रन दिए हैं, जबकि तेज गेंदबाज 10.2 की इकोनॉमी से महंगे साबित हुए। पिछले सीजन स्पिनर्स ने कम विकेट लिए थे, लेकिन उनकी इकोनॉमी (7.9) पेसर्स (9.4 ) से बेहतर थी ।
विकेट्स: कुल विकेटों में 68% हिस्सा तेज गेंदबाजों का रहा, लेकिन वे रन रोकने में संघर्ष करते दिखे।

साझेदारी और बाउंड्री में मामूली कमी
इस बार बल्लेबाजों के बीच ‘बड़ी जुगलबंदी’ कम देखने को मिली है।पार्टनरशिप: 50+ रनों की केवल 12 पार्टनरशिप हुईं (पिछले साल 15 थीं), जिनमें से ज्यादातर मिडिल ओवर्स में बनीं। साथ ही 9 पहले 3 विकेट के लिए हुईं।

बाउंड्री: छक्कों की संख्या में गिरावट आई है। इस बार 121 छक्के लगे हैं, जबकि 2025 के शुरुआती हफ्ते में यह संख्या 129 थी।
चौकों की बात करें तो यह 208 से 219 हो गए हैं। मौजूदा सीजन में पहले 7 मैचों में 2522 (1602 बाउंड्री से) रन बन चुके हैं। पिछले सीजन इतने ही मैच में 2630 रन (1606 बाउंड्री से) बने थे।

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