




मध्य पूर्व में चल रहे ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के तीसरे हफ्ते में ब्रिटेन ने एक बड़ी सैन्य चाल चली है। ब्रिटिश रॉयल नेवी की परमाणु-संचालित पनडुब्बी एचएमएस एंसन को अरब सागर में तैनात किया गया है, जो टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों से लैस है।

सैन्य सूत्रों के अनुसार, परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी एचएमएस एंसन इस महीने की शुरुआत में पर्थ से रवाना हुई थी और लगभग 5,500 मील का सफर तय करके इस क्षेत्र में पहुंची है।
ब्रिटेन की सबसे बढ़िया अटैक पनडुब्बी
एचएमएस एंसन ब्रिटेन की एस्ट्यूट क्लास की पांचवीं पनडुब्बी है, जो अब तक की सबसे बड़ी, सबसे उन्नत और सबसे शक्तिशाली अटैक पनडुब्बियों में से एक है। यह टॉमहॉक ब्लॉक IV क्रूज मिसाइलों और स्पीयरफिश हेवीवेट टॉरपीडो से लैस है। इन मिसाइलों की रेंज करीब 1,600 किलोमीटर है, जिससे ईरान के किसी भी लक्ष्य तक पहुंच संभव है।
पनडुब्बी पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के पर्थ पहुंची थी, जहां यह ऑस्ट्रेलिया, यूके, अमेरिका सुरक्षा साझेदारी के तहत गई थी। मार्च की शुरुआत में यह पर्थ से रवाना हुई और लगभग 5,500 मील की यात्रा कर अरब सागर के उत्तरी हिस्से की गहरी जल में पहुंच गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट बरकरार
यह तैनाती ऐसे समय हुई है जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को ज्यादातर शिपिंग के लिए प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का पांचवां हिस्सा गुजरता है। ईरान के जहाजों पर हमलों और जलडमरूमध्य बंद करने की कार्रवाई की 22 देशों, जिसमें ब्रिटेन भी शामिल है, ने संयुक्त रूप से निंदा की है।
ब्रिटिश सरकार ने अमेरिका को ईरानी साइटों पर हमलों के लिए ब्रिटिश बेस इस्तेमाल करने की अनुमति भी दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पनडुब्बी हर 24 घंटे में सतह पर आकर लंदन के पर्मानेंट जॉइंट हेडक्वार्टर्स (PJHQ) से संपर्क करती है। कोई भी लॉन्च ऑर्डर प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मंजूरी से दिया जाएगा।

