Insurance : इंश्योरेंस लेते समय इन बातों का नहीं रखा ध्यान तो बुरी तरह ठगे जाएंगे, क्लेम मिलने में होगी बहुत परेशानी…

नई दिल्ली. हम अपने जीवन में तमाम तरह के इंश्योरेंस लेते हैं। हेल्थ इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस, टर्म इंश्योरेंस, कार इंश्योरेंस, होम इंश्योरेंस और इसके अलावा भी कई तरह के इंश्योरेंस हैं, जो व्यक्ति अपनी जरूरतों के हिसाब से लेता है। लेकिन, कई बार हम इन इंश्योरेंस को चुनते वक्त कुछ गलतियां कर बैठते हैं, जिनका खामियाजा हमें भविष्य में भुगतना पड़ता है। कई बार तो ऐसा भी होता है कि इंश्योरेंस होने के बावजूद आपको उसका कोई फायदा नहीं मिलता। जब आप कंपनी से क्लेम मांगते हैं तो वह कोई ना कोई टेक्निकल बहाना बनाकर अपना पीछा छुड़ा लेती है। ऐसे में जरूरत है कि जब आप कोई भी इंश्योरेंस ले रहे हों तो कुछ बातों का खास तौर पर ख्याल रखें।

 



प्रीमियम और कवर –
जब आप किसी भी प्रकार का इंश्योरेंस ले रहे हो तो सबसे पहले उसके प्रीमियम और उस प्रीमियम में मिलने वाले कवर पर ध्यान दें। इसके साथ ही यह भी चेक करें कि इतने ही प्रीमियम में और दूसरी कौन-कौन सी कंपनियां हैं, जो आपको समान कवर दे रही हैं या उससे बेहतर कवर दे रही हैं। कई बार ऐसा होता है कि किसी एक कंपनी से इंश्योरेंस पॉलिसी लेने के बाद हमें पता चलता है कि कोई दूसरी कंपनी उसी प्रीमियम में और ज्यादा अच्छा कवर दे रही है। ऐसे में आप खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं, जिससे बचा जा सकता है। आप इंश्योरेंस लेते समय ही अलग-अलग कंपनियों की पॉलिसी चेक करें, उनके प्रीमियम देखें और कवर पर अच्छे से ध्यान दें कि आपको उस प्रीमियम में क्या-क्या कवर मिलने वाला है।

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कवर की शर्तें –
इंश्योरेंस कंपनियां जो कवर देती है, उसके लिए कुछ जरूरी शर्तें होती हैं। जिन शर्तों को पूरा किए जाने के बाद ही इंश्योरेंस धारक को उसका क्लेम मिलता है। अगर उन शर्तों में से कोई भी शर्त पूरी नहीं की गई हो तो इंश्योरेंस कंपनियां लास्ट मौके पर कवर देने से इंकार कर देते हैं। ऐसे में आपके द्वारा भरा गया पूरा प्रीमियम एकदम वेस्ट हो जाता है और जरूरत के समय आप इंश्योरेंस का लाभ नहीं उठा पाते हैं। इसीलिए जब आप इंश्योरेंस पॉलिसी ले रहे हों तो उसके कवर की सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ें और यह सुनिश्चित करें कि आप उन सभी शर्तों पर खरे उतरते हों।

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क्लेम सेटलमेंट रेशो –
किसी भी कंपनी से इंश्योरेंस लेते वक्त जो सबसे जरूरी बात ध्यान में रखनी चाहिए, वह उसका क्लेम सेटेलमेंट रेशों चेक करना है। क्लेम सेटेलमेंट रेशों से पता चलता है कि एक वित्तीय वर्ष में कंपनी ने क्लेम के लिए आए कितने बीमाकर्ताओं के आवेदनों का निपाटन किया है। क्लेम सेटलमेंट रेशो जितना अधिक होगा, बीमा कंपनी का क्लेम रिकॉर्ड उतना ही अच्छा माना जाता है। अगर किसी कंपनी का क्लेम सेटलमेंट सेशो 95 फीसदी से कम है तो आपको तुरंत सावधान हो जाना चाहिए और उससे पॉलिसी न लेकर किसी अन्य अच्छे क्लेम सेटलमेंट रेशो वाली कंपनी से पॉलिसी लेनी चाहिए।

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