सतरेंगा में छत्तीसगढ़ की नई पर्यटन नीति का होगा मसौदा तैयार, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में 29 फरवरी को मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए जाएंगे कई महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर. आकूत खनिज संपदा, जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ पूरे देश में धान के कटोरे के रूप में प्रसिद्ध है। अब यह प्रदेश अपनी सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य की बदौलत ’’यंग एट हार्ट’’ जैसे विशेषणों से नवाजा जा रहा है। राज्य में उपलब्ध पर्यटन की संभावनाओं के दोहन के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक ‘कोरबा जिले के पर्यटन स्थल सतरेंगा जलाशय’ में आगामी 29 फरवरी को आयोजित की जा रही है। इस बैठक में प्रदेश की नई पर्यटन नीति का मसौदा तैयार किया जाएगा।



छत्तीसगढ़ भारत के पर्यटन मानचित्र पर एक विशेष स्थान बना चुका है। जैव विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह राज्य ईको-एथनिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। राज्य में पर्यटन व्यवसाय, तेजी से आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रमुख क्षेत्र के रूप में उभर रहा है। इसके मद्देनजर नई पर्यटन नीति की आवश्यकता महसूस की जा रही है। नई पर्यटन नीति का मुख्य उद्देश्य पर्यटन विकास के माध्यम से राज्य में उपलब्ध पर्यटन क्षमता का दोहन करना, स्थानीय समुदायों के सशक्तीकरण और समुदायिक स्तर पर आजीविका के स्तरों में सुधार सतत् उत्तरदायी एवं सुगम पर्यटन को बढ़ावा देना है। छत्तीसगढ़ राज्य में ऐसे बहुत से जल क्षेत्र है जो जल पर्यटन एवं साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त हैं। नई पर्यटन नीति में इन क्षेत्रों में पर्यटन को विकसित करने के लिए गाईडलाईन तैयार किए जाएंगे। जिससे कि देश ही नहीं विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सके। पर्यटन क्षेत्रों के विकास से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी वहीं स्थानीय निवासियों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। पर्यटन नीति के आधार पर भविष्य में प्रदेश के लिए होम स्टे योजना तैयार की जाएगी। मूलतः इस व्यवस्था का अर्थ यह है कि कोई सम्पतिधारक अपने आवास का कुछ हिस्सा पर्यटकों को रहने के लिए उपलब्ध करा सकेगा तथा उन्हें भोजन सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध करा सकेगा। साथ ही पर्यटकों को भोजन प्रदाय करने के लिए कोई अतिरिक्त फूड अथवा रेस्टोरेंट लायसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी। होम स्टे योजना का विस्तार सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में किया जाएगा। जिससे स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इस पर्यटन नीति के साथ ही पर्यटन प्रोत्साहन योजना का भी अनुमोदन मंत्रिपरिषद के माध्यम से लिया जाना प्रस्तावित है। इस पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत स्थानीय उद्यमियों एवं निवेशकों, दोनों के लिए प्रोत्साहन के प्रावधान किए गए है। स्थानीय उद्यमियों को पूंजी निवेश में छूट का प्रावधान किया जाएगा, इसके अतिरिक्त अन्य प्रोत्साहनों को भी इस नीति में शामिल किया जाएगा। 

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