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आपदा प्रभावितों को त्वरित राहत पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता : भूपेश बघेल, मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेसिंग से लिया जिलों में बाढ़ की स्थिति और राहत की कार्रवाई का जायजा, कलेक्टर ने जिले में अतिवृष्टि प्रभावितों के लिए आपदा प्रबंधन से अवगत कराया

जांजगीर चांपा. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अतिवृष्टि प्रभावितों की मदद कर उन्हें तत्काल राहत पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने आज वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों की बैठक लेकर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से निर्मित स्थिति और जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत कार्यो की समीक्षा की।
कलेक्टर यशवंत कुमार ने बताया कि जिले में अतिवृष्टि से बाढ़ की स्थिति निर्मित हुई है। जिसे समय रहते प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से 2091 प्रभावितों को 45 राहत शिविर में सुरक्षित रखा गया है। शिविर में भोजन, कपड़ा, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक व्यवस्था की गयी है। कलेक्टर ने कहा कि आपदा से प्रभावितों को आरबीसी 6-4 के तहत प्रकरण तैयार कर मुआवजा देने की कार्रवाई की जा रही है।।
जिले में अतिवृष्टि से जनहानि का 01 प्रकरण दर्ज किया गया है। जिले में पशुहानि के 110 और मकान क्षति के 3,973 प्रकरण दर्ज किए गए है। कलेक्टर ने कहा कि सभी नगरीय निकायों में नियमित साफ सफाई के निर्देश दिए गए है। फसल क्षति के आंकलन के लिए निर्देश दिए गए हैं।
इस दौरान एसपी श्रीमती पारूल माथुर, वनमण्डलाधिकारी श्रीमती यादव, पंचायत सीईओ तीर्थराज अग्रवाल, डिप्टी कलेक्टर केएस पैकरा उपस्थित थे।

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