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भू-विस्थापित मजदूर ने जहर पीकर खुदकुशी करने की कोशिश की, गंभीर हालत में बिलासपुर रेफर, मजदूर संघ ने प्लांट प्रबन्धन और शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाया सवाल

जांजगीर-चाम्पा. श्रम कार्यालय में भू-स्थापित मजदूर रामनाथ केंवट ने जहर पीकर खुदकुशी की कोशिश की है. गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती किया गया. यहां से मजदूर को बिलासपुर रेफर कर दिया गया है. मजदूर के जहर पीने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी. घटना के बाद प्रशासन में हड़कम्प है. इधर, मजदूर संघ ने प्लांट प्रबन्धन और शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है.
दरअसल, अकलतरा क्षेत्र के नरियरा गांव में स्थापित केएसके पावर प्लांट में 20 भू-स्थापित मजदूरों को 10 माह पहले बर्खास्त किया गया था. इसके बाद मजदूर संघ बहाली को लेकर लगातार आंदोलन करते आ रहा है. कई दौर की शुरुआत में चर्चा हुई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला. शुरू में 67 मजदूरों को जेल भी भेजा गया था.
बर्खास्त भू-स्थापित मजदूर अपनी गुहार सरकार, शासन और प्रशासन तक पहुंचा रहे थे और बहाली की मांग कर रहे थे, लेकिन प्लांट प्रबन्धन अनसुना करता रहा और शासन-प्रशासन ने भी कोई सुध नहीं ली.
आज जांजगीर के श्रम कार्यालय में भू-स्थापित मजदूरों को समझौता वार्ता के लिए चर्चा करने बुलाया गया था, लेकिन एक बार फिर कोई फैसला नहीं हो सका.
इसके बाद एक भू-स्थापित रामनाथ केंवट ने श्रम कार्यालय में जहर पी लिया.
इस घटना के बाद तमाम तरह सवाल खड़े हो रहे हैं कि इन मजदूरों की सुध अब तक क्यों नहीं ली गई ? पिछले 10 माह से लगातार सरकार और शासन-प्रशासन से गुहार लगाते रहे, जिसे अनसुना किया जाता रहा. अब स्थिति यह आ गई है कि मजदूर को जहर पीकर खुदकुशी की कोशिश करनी पड़ी है.

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