नौकरीपेशा वालों पर भी मेहरबान होगी सरकार ! दोगुनी हो सकती है पीएफ पर टैक्‍स छूट…

नई दिल्‍ली. वित्‍तमंत्री जब 1 फरवरी को इस साल का बजट पेश करेंगी तो सबकी निगाहें नौकरीपेशा को मिलने वाली राहतों पर भी रहेंगी। उम्‍मीद है कि सरकार इस वर्ग को आयकर में बड़ी छूट दे सकती है और पीएफ पर मिलने वाली टैक्‍स छूट की सीमा बढ़ाकर दोगुना कर सकती है।

 



फिलहाल, PF में वार्षिक 2.5 लाख रुपये तक के अंशदान पर ही टैक्‍स छूट मिलती है। चूंकि, यह कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा का सबसे अहम विकल्‍प माना जाता है. लिहाजा, सरकार इस लिमिट को बढ़ाने पर विचार कर सकती है। बजट से पहले हुई चर्चा में भी इस मुद्दे को उठाया गया, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के साथ निजी क्षेत्र के नौकरीपेशा को भी 5 लाख तक पीएफ अंशदान पर टैक्‍स छूट की बात कही गई है।

इसे भी पढ़े -  वेदांता ने एक दशक में सरकारी खजाने में करीब 5 लाख करोड़ का दिया योगदान, वेदांता ग्रुप देश के खजाने में योगदान देने वाले भारत के टॉप 3 प्राइवेट सेक्टरों में से है एक

विभिन्‍न मंत्रालयों और विभागों के साथ हुई बैठक में कहा गया कि निजी क्षेत्र के कर्मचारियों का पूरा पीएफ अंशदान उनके cost-to-company (CTC) का हिस्‍सा होता है, इसमें नियोक्‍ता की ओर से जमा किया जाने वाला पैसा भी शामिल रहता है। लिहाजा, 5 लाख तक टैक्‍स छूट की राहत निजी क्षेत्र के नौकरीपेशा को भी मिलनी चाहिए।

इसे भी पढ़े -  ग्रेट प्लेस टू वर्क द्वारा वेदांता को भारत के शीर्ष 100 सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों में स्थान, वेदांता के कार्यबल में 23 प्रतिशत महिलाएं, लगभग 100 ट्रांसजेंडर कर्मचारी और पिछले 5 वर्षों में ESOP के माध्यम से कर्मचारियों के लिए लगभग ₹2,500 करोड़ की संपत्ति (वेल्थ) का सृजन

सरकार ने पिछले बजट 2021 में पीएफ अंशदान पर आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये तय कर दी थी। हालांकि, बाद में इसे बढ़ाकर 5 लाख कर दिया था, लेकिन इसका लाभ सिर्फ GPF अंशदान पर यानी सरकारी कर्मचारियों को ही मिलना था, सरकार के इस कदम की विशेषज्ञों ने काफी आलोचना की थी और इसे समानता के अधिकारों के खिलाफ बताया था।

error: Content is protected !!