Taxation on Cryptocurrency: तो क्या अब बैन नहीं होगी क्रिप्टोकरेंसी? बजट ऐलान से क्या मिल रहा संकेत

नई दिल्ली: मोदी कार्यकाल के 10वें बजट में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक बड़ा ऐलान हुआ, जो क्रिप्टो में निवेश करने वालों के लिए झटका भी कहा जा सकता है और अच्छी खबर भी। ऐलान था वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के ट्रान्सफर/ट्रांजेक्शन से होने वाली आय पर 30 फीसदी टैक्स लगाया जाना। बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों के लिए यह झटका इसलिए है क्योंकि अब उन्हें इससे आय पर टैक्स देना होगा। वहीं अच्छी खबर इसलिए कही जा सकती है कि इस ऐलान के बाद माना जा रहा है कि कहीं न कहीं यह इस बात का संकेत है कि सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने के बारे में नहीं सोच रही है।



दरअसल क्रिप्टोकरेंसी पर विधेयक ‘द क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021’ संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाने वाला था। इस बिल को लेकर सामने आई डिटेल्स के अनुसार, विधेयक में देश में सभी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि यह प्रस्ताव भी था कि अंतर्निहित तकनीक और इसके उपयोगों को बढ़ावा देने के लिए कुछ अपवादों को अनुमति दी जाए। कानून का उल्लंघन करने वालों की बिना वारंट के गिरफ्तारी और उन्हें जमानत न मिलने की बात भी विधेयक में थी। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल करेंसी के क्रिएशन के लिए एक फ्रेमवर्क बनाने का भी प्रस्ताव था।

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मच गई थी खलबली
इस विधेयक के बारे में डिटेल्स सामने आते ही क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों और क्रिप्टो एक्सचेंजों में खलबली मच गई थी। क्रिप्टो एक्सेंजेस समेत विभिन्न एक्सपर्ट और तबकों ने क्रिप्टो पर कोई बीच का रास्ता निकाले जाने की मांग की थी। क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने के बजाय उसे रेगुलेट करने पर विचार करने की मांग की गई थी। हालांकि यह अलग बात है कि ‘द क्रिप्टोकरेंसी एंड रेगुलेशन ऑफ ऑफिशियल डिजिटल करेंसी बिल, 2021’ के प्रारूप पर मंत्रिमंडल में सहमति नहीं बन सकी और इसलिए विधेयक संसद में पेश नहीं किया जा सका।

अब मंगलवार को संसद में पेश आम बजट 2022 में प्रस्ताव रखा गया है कि वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के ट्रान्सफर से इनकम 30 फीसदी टैक्स रेट के दायरे में आएगी। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के मामले में ट्रांजेक्शन में बड़ा उछाल आया है। इसे देखते हुए ही क्रिप्टो को टैक्स के दायरे में लाया जा रहा है। इस ऐलान से कहीं न कहीं यह संकेत है कि सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी में ट्रांजेक्शन को प्रतिबंधित करने के बजाय, वर्चुअल डिजिटल एसेट को रेगुलराइज करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

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क्या कहते हैं WazirX के निश्चल शेट्टी
क्रिप्टो एक्सचेंज WazirX के सीईओ निश्चल शेट्टी ने बजट में हुए ऐलान पर कहा, ‘भारत अंततः भारत में क्रिप्टो क्षेत्र को वैध बनाने की राह पर है। यह अभूतपूर्व खबर है कि भारत एक ब्लॉकचेन संचालित डिजिटल रुपया लॉन्च कर रहा है। यह कदम क्रिप्टो को अपनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा और भारत इनोवेशन की फ्रंट सीट पर होगा। यह भी दिलचस्प है कि कैसे हमारी सरकार क्रिप्टो को एक उभरते हुए एसेट क्लास के रूप में पहचानना शुरू कर रही है। देखिए कि हमारी वित्त मंत्री कैसे इसे एक वर्चुअल डिजिटल एसेट के तौर पर संदर्भित कर रही हैं।’

आगे कहा कि आज का सबसे बड़ा डेवलपमेंट क्रिप्टो टैक्सेशन पर स्पष्टता थी। यह भारत के क्रिप्टो इकोसिस्टम में एक बहुत आवश्यक रिकग्निशन को जोड़ देगा। हम यह भी उम्मीद करते हैं कि यह डेवलपमेंट, बैंकों के लिए किसी भी अस्पष्टता को दूर करेगा और वे क्रिप्टो उद्योग को वित्तीय सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। क्रिप्टोकरेंसी को टैक्सेशन के दायरे में लाकर सरकार ने काफी हद तक उद्योग को वैध बना दिया है। अधिकांश लोग विशेष रूप से कॉर्पोरेट, जो अभी तक अनिश्चितता में थे, वे अब क्रिप्टो में भाग ले सकेंगे। कुल मिलाकर यह उद्योग के लिए एक सकारात्मक कदम है।

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