रामनवमी से पहले इन 9 जिलों में प्रशासन ने लगाया कर्फ्यू, जानिए क्यों लिया ऐसा बड़ा फैसला

जयपुर: Curfew in 9 District बीते दिनों रेली के दौरान हुई हिंसा के बाद प्रदेश सरकार ने करौली में कर्फ्यू लगा दिया है। लेकिन आज सरकार ने एक और आदेश जारी करते हुए प्रदेश के 9 जिलों में कर्फ्यू लगा दिया है। प्रशासन ने करौली के बाद अब जमेर, धौलपुर, हनुमानगढ़, सीकर और अलवर में धारा 144 लगा दिए हैं। बता दें कि प्रशासन ने यह फैसला ठीक राम नवमी से पहले लिया है, ताकि किसी भी रैली या आयोजन के दौरान हिंसक घटनाएं न हो।

 



 

Curfew in 9 District उदयपुर के कलेक्टर ताराचंद मीणा ने 7 जून 2022 की मध्यरात्रि तक के लिए धारा 144 लगाने के आदेश जारी किए है। वहीं, रामनवमी से ठीक पहले लगाई गई धारा 144 पर भाजपा लगातार गहलोत सरकार पर हमलावर हो रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने गहलोत सरकार पर निशाना साधा है। प्रतापगढ़ कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिए हैं कि जिले में विभिन्न आयोजनों को लेकर धारा 144 लागू कर दी जाए। रैली, जुलूस और किसी भी प्रकार के प्रदर्शन के लिए एसडीएम से अनुमति लेनी होगी। डूंगरपुर में भी तनाव की आशंका के मद्देनजर धारा 144 लागू कर दी गई है। जिला कलेक्टर शुभम चौधरी ने आदेश जारी किए हैं कि ये धारा 5 मई तक लागू रहेगी। ये निर्णय रामनवमी और ईद को लेकर लिया गया है। डूंगरपुर प्रशासन ने जनता से त्योहारों के दौरान शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

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सभी कलेक्टरों द्वारा आदेशों में प्रतिबंधों को उल्लेख किया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीकर में धारा 144 लागू करने के आदेशों में इसके पीछे का तर्क भी दिया गया है। इस आदेश में कहा गया है कि विभिन्न अवसरों पर सामूहिक रैली, जुलूस और प्रदर्शनी भी बिना अनुमित के आयोजित किए जा रहे हैं। इससे जिले की यातायात और कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका बनी हुई है, इसको लेकर आमजन की सुरक्षा के लिहाज से धारा 144 लागू की जा रही है।

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करौली जिले में हिंसा के बाद गहलोत सरकार ने 8 अप्रैल को धार्मिक त्योहारों, रैली, शोभायात्रा और प्रदर्शनी को लेकर दिशा- निर्देश जारी किए है। राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सार्वजनिक कार्यक्रम, शोभायात्रा, प्रदर्शन के संबंध में आयोजक निर्धारित प्रारुप में उपखंड मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट नगर और प्राधिकृत अधिकारी से अनुमति प्राप्त करने के लिए प्रार्थना पत्र और शपथ पत्र पेश करेंगे। प्रार्थना का सत्यापन संबंधित क्षेत्र के थानाधिकारी से करवाने के बाद ही प्रार्थना पत्र पर निस्तारित किया जाएगा। संबंधित जिला अधिकारी गृह विभाग द्वारा जारी निर्देशों को ध्यान में रखेंगे।प्रार्थना पत्रों को निस्तारित किए जाते समय राजस्थान ध्वनि नियंत्रण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों को भी ध्यान में रखा जाएगा। अधिकारी सार्वजनिक कार्यक्रम की आज्ञा निर्धारित प्रारूप में प्रदान करेंगे। संबंधित अधिकारी प्रार्थना पत्र के निस्तारण की सूचना जिला मजिस्ट्रेट और एसपी को देंगे। गहलोत सरकार करौली हिंसा मामले की प्रशासनिक जांच कराने के लिए कमेटी का गठन किया है। गृह विभाग के सचिव कैलाश चंद मीणा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच अधिकारी 15 दिन के भीतर प्रकरण के सभी पहलुओं की जांच कर अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।

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