सामने आया MERS-कोरोना वायरस का नया मामला, WHO ने शेयर की ये जरूरी बातें

स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने  अबू धाबी में संभावित मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस (Middle East Respiratory Syndrome Coronavirus) के एक मामले की पुष्टि की।



 

 

 

खबरों की मानें तो, पिछले महीने अल ऐन शहर में एक अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद एक 28 वर्षीय व्यक्ति में वायरस की पुष्टि हुई है। अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने न्यूज एजेंसी  को बताया है कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने 108 लोगों की जांच की है जिनके साथ वह आदमी संपर्क में था, लेकिन अब तक संक्रमण के कोई भी मामले सामने नहीं आए हैं। हालांकि, संक्रमित शख्स की मौजूदा स्थिति का अभी पता नहीं चल पाया है। लेकिन, दुनियाभर के लोग MERS-कोरोना वायरस के बारे में जानना चाहते हैं।

 

 

 

 

कैस, जानते हैं इस बारे में

MERS-कोरोना वायरस को मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस (Middle East Respiratory Syndrome Coronavirus) कहा जाता है। इसका पहला मामला साल 2012 में सबसे पहले सऊदी अरबिया से मिला था। ये असल में कोरोना वायरस से थोड़ा अलग है। MERS-CoV में चार संरचनात्मक प्रोटीन होते हैं: स्पाइक (S) प्रोटीन, लिफाफा (E) प्रोटीन, मेम्ब्रेन (M) प्रोटीन, और न्यूक्लियोकैप्सिड (N) प्रोटीन। इसमें ट्रांसमेम्ब्रेन ग्लाइकोप्रोटीन वायरस की सतह पर एक ट्रिमर के रूप में स्थित होता है और इसमें S1 और S2 सबयूनिट होते हैं। इसलिए ये देखने में भी कोरोना वायरस जैसा नहीं होता है।

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खबरों की मानें तो, पिछले महीने अल ऐन शहर में एक अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद एक 28 वर्षीय व्यक्ति में वायरस की पुष्टि हुई है। अब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने न्यूज एजेंसी को बताया है कि स्वास्थ्य अधिकारियों ने 108 लोगों की जांच की है जिनके साथ वह आदमी संपर्क में था, लेकिन अब तक संक्रमण के कोई भी मामले सामने नहीं आए हैं। हालांकि, संक्रमित शख्स की मौजूदा स्थिति का अभी पता नहीं चल पाया है। लेकिन, दुनियाभर के लोग MERS-कोरोना वायरस के बारे में जानना चाहते हैं। कैस, जानते हैं इस बारे में।

 

 

 

 

क्या है MERS-कोरोना वायरस-Middle East Respiratory Syndrome Coronavirus MERS-CoV?

MERS-कोरोना वायरस को मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस (Middle East Respiratory Syndrome Coronavirus) कहा जाता है। इसका पहला मामला साल 2012 में सबसे पहले सऊदी अरबिया से मिला था। ये असल में कोरोना वायरस से थोड़ा अलग है। MERS-CoV में चार संरचनात्मक प्रोटीन होते हैं: स्पाइक (S) प्रोटीन, लिफाफा (E) प्रोटीन, मेम्ब्रेन (M) प्रोटीन, और न्यूक्लियोकैप्सिड (N) प्रोटीन। इसमें ट्रांसमेम्ब्रेन ग्लाइकोप्रोटीन वायरस की सतह पर एक ट्रिमर के रूप में स्थित होता है और इसमें S1 और S2 सबयूनिट होते हैं। इसलिए ये देखने में भी कोरोना वायरस जैसा नहीं होता है।

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MERS-कोरोना वायरस के लक्षण-MERS-CoV Symptoms

MERS के लक्षणों में बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं। लेकिन, सबसे ज्यादा दिक्कत निमोनिया के मरीजों को होती है। इसके अलावा MERS रोगियों में दस्त सहित गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण भी नजर आते हैं। WHO को रिपोर्ट किए गए MERS मामलों में लगभग 35% की मृत्यु हो गई है।

 

 

 

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बता दें कि WHO के अनुसार, अब तक वायरस के कुल 2,605 मामले सामने आए हैं, जिनमें 936 मौतें हुई हैं। डब्ल्यूएचओ की जानकारी के मुताबिक, सऊदी अरब में ज्यादातर लोग संक्रमित ड्रोमेडरी ऊंटों के असुरक्षित संपर्क से संक्रमित हुए हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस भी एक जूटोनिक वायरस है जो जानवरों और लोगों के बीच फैलता है। हालांकि, अभी भी इस वायरस को लेकर बहुत सारी बातें साफ नहीं हो पाई है।

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(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें, खबर सीजी न्यूज इसका दावा नहीं करता)

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