UPSC Success Story: किराये का कमरा, लाइब्रेरी का एकांत, मन में जज़्बा… ऐसे किसान का बेटा बना असिस्टेंट कमांडेंट. पढ़िए..

UPSC Success Story: राजस्थान में किसान के एक बेटे सुनील कुमार मीणा ने यूपीएससी सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट पद के लिए क्वालीफाई किया है. सुनील ने इस परीक्षा में 187वीं रैंक लाकर अपने परिवार और धौलपुर जिले के सरमथुरा उप खंड के गांव रहरई का नाम रौशन किया है. 12वीं पास पिता भौर्या मीणा और कम पढ़ी-लिखी मां हरप्यारी के लिए यह सपना सच होने की तरह है. सुनील ने इस कामयाबी के लिए कड़ी मेहनत और बहुत संघर्ष किया है.



 

 

 

एक भाई रेलवे में लोको पायलट तो दूसरा ट्रैफिक पुलिस में इंस्पेक्टर
सुनील कुमार मीणा के पिता भौर्या मीणा के चार बेटे और दो बेटी हैं. उन्होंने खेतीबाड़ी में मेहनत कर अपने 6 बच्चो को पढ़ाने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ी. किसान भौर्या मीणा का बड़ा बेटा रामवीर मीणा रेलवे में ट्रैफिक इंस्पेक्टर है, दूसरे नंबर का बेटा राजवीर रेलवे में लोको पायलट है और तीसरे नंबर का बेटा सत्यप्रकाश और दोनों बेटियां रेवाती और रेशम प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं. अब किसान भौर्या मीणा के सबसे छोटे बेटे सुनील कुमार का चयन असिस्टेंट कमांडेंट पद के लिए हुआ है. वे इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और भाई-बहन को देते हैं, जिन्होंने हमेशा मोटिवेट किया है.
ग्रेजुएशन के दौरान शुरू की थी यूपीएससी की तैयारी
सुनील कुमार ने यूपीएससी परीक्षा के पहले प्रयास में ही ऑल इंडिया में 187वीं रैंक हासिल की है. उनके ने अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए हर संभव सुविधाएं देने की कोशिश की है. सुनील ने पांचवी कक्षा में परीक्षा के माध्यम से जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश लिया था, जहां से बारहवीं कक्षा पास करने के बाद वह आगे की पढ़ाई करने के लिए दिल्ली चला गया. सुनील ने दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज से बीए और दिल्ली विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग से एमए किया है. उन्होंने ने कॉलेज में पढ़ाई के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी. इसके बाद सुनील ने साल 2022 में यूपीएससी द्वारा आयोजित असिस्टेंट कमांडेंट की परीक्षा दी थी. असिटेंट कमाडेंट के पद पर चयन होने के बाद सुनील के गांव में खुशी की लहर दौड़ गई.
बिना कोचिंग की सरकारी नौकरी की तैयारी
सुनील कुमार ने आज तक को बताया कि दिल्ली में कॉलेज की पढ़ाई के दौरान यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी. सिर्फ कमरा और पुस्तकालय में जाकर किताबों के जरिये पढ़ाई जारी रखी. परीक्षा के लिए कोई भी कोचिंग नहीं की. वर्तमान में सुनील कुमार जयपुर में रह कर आईएएस की तैयारी कर रहे हैं.

इसे भी पढ़े -  नकली Engine Oil बर्बाद कर सकता है गाड़ी का इंजन, ऐसे पहचानें असली और नकली का फर्क

error: Content is protected !!