बच्चे पैदा करने वाला रॉक! मह‍िलाएं रखकर सो जाएं तो हो जाएंगी प्रेग्‍नेंट, बर्थिंग स्‍टोन्‍स के नाम से है मशहूर

पुर्तगाल में मदर-रॉक नाम से एक रहस्‍यमयी पहाड़ है, जिसने दशकों से वैज्ञान‍िकों को चक‍ित कर रखा है. क्‍योंक‍ि मान्‍यता है क‍ि अगर मह‍िलाएं इसकी एक चट्टान अपने तक‍िये के नीचे रखकर सो गईं तो तुरंत प्रेग्‍नेंट हो जाएंगी. इसल‍िए इसे बर्थिंग स्‍टोन या बच्चे पैदा करने वाला पहाड़ कहा जाता है. पूरा मामला जानकर आप भी दंग रह जाएंगे.



 

 

उत्तरी पुर्तगाल में पेड्रास पैरिडीरास नाम का एक रहस्‍यमयी पहाड़ है, ज‍िसे ‘बर्थिंग स्टोन्स’ के नाम से जाना जाता है. आप सोच रहे होंगे क‍ि इसका ये नाम क्‍यों पड़ा? दरअसल, यह पहाड़ चमत्कारिक रूप से शिशु चट्टानों को जन्म देता प्रतीत होता है. ऐसा लगता है कि पहाड़ से छोटी-छोटी बच्‍चों जैसी‍ चट्टानें बार-बार निकल रही हों.

 

 

 

 

इसील‍िए इसे “मदर-रॉक” और प्रेग्‍नेंट स्‍टोन भी कहते हैं. लगभग एक क‍िलोमीटर लंबा और 600 मीटर चौड़ा ये पर्वत ग्रेनाइट के पत्‍थरों से बना हुआ है. इसकी चट्टानें तकरीबन 300 मिलियन वर्ष पुरानी हैं. चट्टान की चोटी से अक्‍सर 2 से 12 सेंटीमीटर के बीच के बीच की चट्टानें बाहर आती रहती हैं, जो लगता है क‍ि पर्वत के बच्‍चे की तरह हैं.

इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa News : शासकीय ठाकुर छेदीलाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय का NSS की 7 दिवसीय शिविर धुरकोट में आयोजित, ग्रामीणों को नशामुक्त के प्रति जागरूक करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य

 

 

 

 

नजदीक जाकर देखने पर लगेगा क‍ि यह पर्वत इन छोटी-छोटी अंडाकार चट्टानी गांठों से घ‍िरा हुआ है. इसकी बाहरी परत बायोटाइट से बनी होती है, जो एक प्रकार का अभ्रक है. बारिश या ओस का पानी इसकी दरारों में चला जाता है, और जब सर्दी आती है तो यह पूरी तरह जम जाता है.

 

 

 

 

ऐसा लगता है क‍ि बड़ी ग्रेनाइट ‘मां’ चट्टानें इन ‘बेबी’ गांठों को बाहर धकेलती हुई प्रतीत होती हैं. साइंटिस्‍ट दशकों से इसका रहस्‍य तलाशने की कोश‍िश कर रहे हैं क‍ि आख‍िर पर्वत से इतनी छोटी चट्टानें कैसे बाहर आती हैं. भूविज्ञानी अभी भी पूरी तरह से समझ नहीं पाए हैं कि ये छोटे शिशु पिंड क्यों उत्पन्न होते हैं.

इसे भी पढ़े -  Sakti News : नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल के सफलतम एक वर्ष पूर्ण, समर्थकों ने केक काटकर दी शुभकामनाएं

 

 

 

स्‍थानीय लोग इन चट्टानों को प्रजनन का प्रतीक मानते हैं. ऐसी मान्‍यता है क‍ि अगर कोई मह‍िला गर्भवती होना चाहती है तो अपने तकिए के नीचे इसकी एक चट्टान को रखकर सो जाए, वह तुरंत प्रेग्‍नेंट हो जाती है. यही वजह है क‍ि दुनियाभर से मह‍िलाएं यहां आती हैं और पत्‍थर के इन टुकड़ों को अपने साथ लेकर जाती हैं.

 

 

 

 

स्पष्ट रूप से इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि ये पत्थर कपल्‍स को प्रेग्‍नेंट होने में मदद करते हैं या नहीं. लेकिन स्‍थानीय लोगों का दावा है कि ऐसा होता है. प्रेग्‍नेंट होने के बाद भी कई मह‍िलाएं यहां आती हैं और पूजा करके जाती हैं. वे इसे बेबी स्‍टोन के नाम से भी पुकारती हैं.

 

 

 

 

सरकार ने इनके विक्रय पर पाबंदी लगा रखी है, लेकिन अगर आप यहां जाएंगे तो कई मह‍िलाएं चोरी-छिपे इन चट्टानों को बेचती हुई नजर आएंगी. यह मिथक इतनी तेजी से फैला है क‍ि पहले जहां बहुत सारी चट्टानें टूटकर ग‍िरा करती थीं, अब उनकी संख्‍या बेहद कम हो गई है.

इसे भी पढ़े -  Sakti News : अनुनय कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में में जिला स्तरीय विज्ञान एवं गणित महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नपा अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल हुए शामिल

error: Content is protected !!