आखिर कैसे हैंग हुआ NEET परीक्षा का सिस्टम ? मास्टरमाइंड सिकंदर ने किया खुलासा, आरोप कुबूल करते हुए आरोपियों ने बताया ये बड़ा सच…

नई दिल्ली. आज पूरे देश में नीट परीक्षा को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। कई जगहों पर इसका विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहा है। तो वहीं आए दिन NEET UG में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इतना ही नहीं आज कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की है। जिसमें उन्होंने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा।



उन्होंने कहा, ‘कहा जा रहा था कि नरेन्द्र मोदी जी रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई रोक दी थी, लेकिन हिंदुस्तान में पेपर लीक को रोक नहीं पा रहे हैं या रोकना नहीं चाहते।’ राहुल गांधी ने दावा किया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में हुए ‘व्यापम’ घोटाले को पूरे देश में फैलाने की कोशिश की जा रही है।

बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने नीट पेपर लीक मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कुछ अभ्यर्थी भी शामिल हैं। अब तक की जांच में सिकंदर प्रसाद यादवेंदु (बिहार के दानापुर नगर परिषद में जेई है) नीट पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पकड़े गए सात अभ्यर्थियों ने पूछताछ के दौरान बताया कि कैसे सिकंदर ने नीट के पेपर में सेंधमारी करके पूरा घोटाला किया।

इसे भी पढ़े -  Janjgir Big News : हसदेव नदी में पुल के नीचे युवक का शव मिला, पुलिस कर रही जांच...

UGC NET क्या है ?
यूजीसी नेट यानी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (National Eligibility Test) है। मास्टर डिग्री वाले कैंडिडेट्स के लिए कुल 83 विषयों के लिए ये परीक्षा ली जाती है। इसमें पास होने वाले यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी पाने योग्य हो जाते हैं, वहीं टॉप 6 प्रतिशत कटऑफ में आने वालों को Junior Research Fellowship दी जाती है। जिसके तहत उन्हें केंद्र सरकार की ओर से शोध कार्य के लिए एक निश्चित राशि का भुगतान किया जाता है। ये परीक्षा साल में दो बार जून और दिसंबर में होती है।

इसे भी पढ़े -  Sheorinarayan News : 24 वर्षीय युवक ने घर में फांसी लगाकर की खुदकुशी, जांच में जुटी शिवरीनारायण पुलिस

क्या है पूरा मामला ?
एनटीए ने 18 जून को अलग -अलग शहरों में दो पालियों में ओएमआर (पेन और पेपर) मोड में ‘यूजीसी-नेट जून 2024 परीक्षा’ आयोजित की थी। परीक्षा लेने के अगले ही दिन यूजीसी को परीक्षा में धांधली के बारे में जानकारी मिली। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, आयोग को इस संबंध में गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई से कुछ जानकारियाँ मिलीं। शुरुआती रिपोर्ट से ये संकेत मिला कि परीक्षा की अखंडता से समझौता हुआ है।

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, परीक्षा प्रक्रिया की उच्चतम स्तर की पारदर्शिता और पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने निर्णय लिया कि यूजीसी नेट जून 2024 परीक्षा रद्द कर दी जाए। अब नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसकी जानकारी अलग से साझा की जाएगी.

इसे भी पढ़े -  Janjgir Big News : मालवाहक वाहनों में सवारी ढोने पर कार्रवाई, 3 पिकअप वाहनों के संचालकों पर जुर्माने की कार्रवाई...

error: Content is protected !!