हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को न करें नजरअंदाज, ये बन सकती हैं हार्ट की बीमारियों का कारण

हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी भी अब डायबिटीज की तरह तेजी से बढ़ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हाई बीपी के मरीजों की संख्या 20 करोड़ से अधिक है. यह आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है. अब युवाओं को भी यह समस्या हो रही है.



 

ब्लड प्रेशर का बढ़ना शरीर के लिए खतरनाक माना जाता.
अगर ये कंट्रोल नहीं होता तो इससे हार्ट अटैक आने का रिस्क होता हैं, हालांकि फिर भी कई लोग हाई बीपी की समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है की अगर बीपी हाई रहने की समस्या रहती है तो इसको नजरअंदाज न करें. बीपी को कंट्रोल में रखें और नियमित रूप से अपना बॉडी चेकअप भी कराते रहें.

 

 

 

नारायणा अस्पताल, गुरुग्राम में सीनियर कंसल्टेंट, कार्डियक सर्जन डॉ.रचित सक्सेना बताते हैं कि युवा पीढ़ी में भी अब हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्वास्थ्य समस्याएं देखी जा रही हैं. हाई बीपी हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण है. ऐसे में जरूरी है कि अगर हाई बीपी की समस्या है और किसी भी प्रकार की बेचैनी या छाती में दर्द महसूस करते हैं, तो सबसे पहले ईसीजी कराना चाहिए. ईसीजी से हार्ट बीट का पता चल जाता है जो दिल की बीमारियों की पहचान का एक तरीका है. आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए भी दिल की बीमारियों की समय पर पहचान हो सकती है.

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कौन से टेस्ट कराएं

डॉ. अविनाश बंसल, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरवेंशनल, क्लिनिकल और क्रिटिकल कार्डियोलॉजी और इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट बताते हैं कि देश की एक बड़ी आबादी में हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी हो रही है. हाई ब्लडप्रेशर की वजह से हार्ट अटैक आ जाता है, लेकिन फिर भी लोग इस समस्या को नजअंदाज कर देते हैं. नियमित जांच से ही इस बीमारी की पहचान हो सकती है. सभी लोगों को सलाह है कि साल में कम से कम एक बार हार्ट की जांच करा लें. इसके लिए लिपिड प्रोफाइल टेस्ट और चेस्ट का सीटी स्कैन करा सकते हैं. अगर हाई बीपी के मरीज हैं तो हर दो दिन में अपना ब्लड प्रेशर नापते रहें. आपका बीपी हमेशा 120/80 mmHg से कम होना चाहिए. अगर ये ज्यादा बढ़ रहा है तो डॉक्टर से सलाह लें. इस मामले में लापरवाही न करें

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कैसे करें बचाव

इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर में कार्डियोलॉजी विभाग में डायरेक्टर डॉ.असीम ढल्ल बताते हैं कि हार्ट की बीमारियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है. इसके लिए समय पर जांच कराएं और अपनी हेल्थ का ध्यान रखें. नियमित एक्सरासाइज, संतुलित आहार से आप अपनी हार्ट हेल्थ को अच्छा रख सकते हैं.

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