जांजगीर-चाम्पा. राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन अंतर्गत सक्ती जिले के डोड़की स्थित शासकीय रोपणी में इंदिरा गांधी क़ृषि विश्वविद्यालय रायपुर के मार्गदर्शन में क़ृषि विज्ञान केंद्र जांजगीर के तत्वाधान में 8 दिवसीय मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण किसानों को दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान 25 किसानों को प्रदेश के सरगुजा अंबिकापुर जिले के मैनपाट और बहेराडीह में स्थित देश का पहला वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल का भ्रमण कराया गया, जहां पर किसानों ने मधुमक्खी पालन की बारीकीयों को देखा.
क़ृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख डॉ. केडी महंत ने बताया कि इंदिरा गाँधी क़ृषि विश्वविद्यालय रायपुर के मार्गदर्शन में क़ृषि विज्ञान केंद्र के तत्वाधान में सक्ती जिले शासकीय रोपणी डोड़की में 25 किसानों को 8 दिवसीय निःशुल्क मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण कीट वैज्ञानिक डॉ रंजीत मोदी, डॉ आशुलता ध्रुव, मास्टर ट्रेनर एसएस ठाकुर और दीनदयाल यादव द्वारा दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को सरगुजा अंबिकापुर स्थित मैनपाट और वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह का भ्रमण कराया गया, जहां किसानों को मधुमक्खी पालन की बारीकियों की सम्पूर्ण जानकारी मिली.
प्रशिक्षण व भ्रमण में जाजंग गांव की राष्ट्रीय क़ृषि कर्मण पुरुष्कार से सम्मानित महिला कृषक श्रीमती सुशीला गबेल, यादव प्रसाद गबेल, रामसिंह सिदार, स्वर्ण बाई महंत, सुकांति महंत, संजय पटेल, खीरबाई पटेल, आशा नेताम, डोड़की से मुरलीधर लहरे, सुनिता केवट, श्यामबाई साहू, नवापारा से सावित्री गबेल, अचानकपुर से रोशनी राज, डड़ाई से रौशनी चौहान, गरहीनमुड़ा से मीना राजपूत, सालिहाभाठा से सुमित्रा चौहान, सरवानी से चन्द्रिका साहू, देवरमाल से सूरज बाई, जूनवानी से जया कुमारी सिदार, ढोलनार से कमला पटेल, डंगोंरा से कुमारी साहू, बैलाचुआ से दरस कुंवर गोड़, टोहिलाडीह से बसंती जायसवाल, शीतल सिदार, जगदल्ला से दिगंबर पटेल, जगदल्ली से अक्तिराम सिदार आदि किसान शामिल थे।