Akaltara News : वर्तमान समय में सनातन धर्म समाज को दिशा देने वाला आधार: रामानुज सत्यम कृष्ण महराज

अकलतरा. पोड़ीदल्हा स्थित अघोरपीठ जनसेवा अभेद आश्रम में आयोजित श्री शिवमहापुराण कथा एवं प्रवचन सप्ताह के दौरान व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए कथावाचक पूज्य रामानुज सत्यम कृष्ण महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में सनातन धर्म की आवश्यकता अत्यंत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकतावादी, तनावपूर्ण और भागदौड़ भरे जीवन में सनातन धर्म ही मानव को सही मार्ग, मानसिक शांति और जीवन में संतुलन प्रदान करता है।
कथावाचक ने श्री शिवमहापुराण का उल्लेख करते हुए बताया कि भगवान शिव का जीवन त्याग, तपस्या, करुणा और लोककल्याण का प्रतीक है। शिव तत्व मानव को अहंकार से मुक्त होकर सत्य, धर्म और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्कार, संयम, सदाचार और नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवनशैली है।

 



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प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि जब समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है, पारिवारिक रिश्ते कमजोर हो रहे हैं और युवा पीढ़ी दिशाहीन होती जा रही है, ऐसे समय में सनातन धर्म समाज को संस्कारित रखने का कार्य करता है। शिवमहापुराण का श्रवण मानव को आत्मिक बल, मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
कथावाचक रामानुज सत्यम कृष्ण महाराज ने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए बताया कि शिवलिंग को स्पर्श किया हुआ नैवेद्य ग्रहण करने योग्य नहीं होता, जबकि भगवान शिव के सम्मुख अर्पित नैवेद्य को ग्रहण करना शास्त्रसम्मत बताया गया है।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रवचन को अत्यंत प्रेरणादायक बताया और कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करते हैं। अंत में आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की।

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