



चाम्पा-सिवनी. सिवनी गांव में बिहान की बेरोजगार महिलाओ को स्व रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से केंद्रीय रेशम बोर्ड, भारत सरकार बैंगलोर एवं केंद्रीय तसर अनुसन्धान केंद्र रांची के संयुक्त तत्वाधान में तथा केंद्रीय रेशम बोर्ड सिवनी (चांपा ) की निगरानी में 45 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण, रेशम हथकरघा बुनकर का निःशुल्क प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर रामाधार देवांगन और उनके सहयोगी ट्रेनर चमरा राम देवांगन के द्वारा दिया जा रहा है. प्रशिक्षण में बिहान की महिलाओं को दरी बनाने से लेकर कोसा तसर कपड़ा बनाने की कला सिखाया जा रहा है.
इस सम्बन्ध में केंद्रीय रेशम बोर्ड, तसर अनुसन्धान के अधिकारी अरविन्द कुमार शर्मा व राजेन्द्र कुमार पुरोहित ने बताया कि केंद्रीय तसर अनुसन्धान केंद्र रांची के निदेशक डॉ. बाला सरस्वथी के निर्देशन में छत्तीसगढ़ के क़ृषि प्रधान जिले के बलौदा ब्लॉक अंतर्गत सिवनी गाँव में यहां की बिहान की बेरोजगार महिलाओ को स्व रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य को लेकर 45 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्णतः निःशुल्क है, जहां प्रशिक्षण कार्यक्रम के मास्टर ट्रेनर रामाधार देवांगन और उनके सहयोगी ट्रेनर चमरा राम देवांगन द्वारा बिहान की बेरोजगार महिलाओ को दरी बनाने से लेकर कोसा तसर कपड़ा बनाने तक की कला सिखाया जा रहा है.
प्रशिक्षण के चौथे चरण में महिलाएं सीखेंगी कोसा तसर कपड़ा बनाने की कला
मास्टर ट्रेनर रामाधार देवांगन ने बताया कि प्रशिक्षण के पहले चरण में महिलाओ को हेंडलूम मशीन से दरी बनाना सिखाया गया. उसके बाद दूसरा चरण में खादी कपड़ा बनाना, तीसरा चरण में कॉटन कपड़ा और चौथे व अंतिम चरण में कोसा तसर कपड़ा तैयार करने की कला सिखाए जाएंगे.
प्रशिक्षण में उषा यादव, शर्मीला गोस्वामी, पुष्पा महंत, गौरी नामदेव, बद्रीका यादव, धन कुंवर बरेठ, रुखमणि पाण्डेय, अंजनी यादव, दुर्गा बरेठ, निर्मला बरेठ, यामिनी यादव, सीमा महंत, शिवकुमारी, सुलोचनी महंत, यामिनी देवांगन, प्रियंका धीवर, कविता बरेठ, रश्मिन बरेठ, सरिता बरेठ, सजनी बरेठ, रानू जायसवाल, नित्रिका यादव, कुसुम विश्वकर्मा, बसंती नामदेव, सहोद्री बरेठ, भगवती बरेठ, निखिल बैष्णव, अंजू बरेठ, कमला श्रीवास आदि शामिल है.





