




जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गाँव में 10 एकड में एवं बलरामपुर जिले के दो गांव में भाजपा कार्यकर्ता द्वारा कृषि भूमि पर अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती के विरोध मे 12 मार्च को जिला कांग्रेस कमेटी जांजगीर-चांपा ने उग्र प्रदर्शन किया. जिलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला भाजपा कार्यालय का घेराव किया और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहा नशे का काला कारोबार प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि दुर्ग जिले में 10 एकड़ जैसी बड़ी जोत पर अफीम की खेती होना यह साबित करता है कि प्रदेश में नशे के सौदागरों को भाजपा सत्ता का खुला संरक्षण प्राप्त है. जिस पार्टी के कार्यकर्ता खेतों में जहर बो रहे हों, उन्हें नैतिकता की बात करने का कोई अधिकार नहीं है .
घेराव के दौरान मुख्य मांगें –
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई : अफीम की खेती में लिप्त भाजपा कार्यकर्ता और उसके पीछे के बड़े रसूखदारों की तत्काल गिरफ्तारी हो।
उच्च स्तरीय जांच : इस पूरे सिंडिकेट की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए ताकि यह पता चल सके कि यह काला कारोबार कहां तक फैला है।
नैतिक जिम्मेदारी : कांग्रेस ने मांग की है कि इस शर्मनाक घटना के बाद भाजपा नेतृत्व को जनता से माफी मांगनी चाहिए और तत्काल इस कृत्य के लिए विष्णु देव साय को इस्तीफा देना चाहिए ।
पुलिस के साथ हुई झूमाझपटी –
घेराव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस बल के बीच तीखी नोकझोंक और झूमाझपटी भी हुई। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की और भाजपा कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस का स्पष्ट कहना है कि जब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

