क्यों कोलेस्ट्रॉल कम होने पर भी लोगों को आ रहे हैं हार्ट अटैक? डॉक्टर ने बताया कहां हो रही चूक

नई दिल्ली. जब भी हार्ट अटैक से बचने की बात आती है, तो हम अक्सर गलत दिशा में जा रहे होते हैं या कहें तो ‘गलत नुस्खे’ का इस्तेमाल कर रहे होते हैं। हमें लगता है कि हार्ट को सुरक्षित रखने का मतलब सिर्फ कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करना है, लेकिन अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार का कहना है यह पूरी सच्चाई नहीं है। जी हां, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक स्टडी के हवाले से उन्होंने समझाया कि नींद की कमी और मानसिक समस्याएं हमारी हार्ट हेल्थ में बहुत बड़ा रोल प्ले करती हैं।



2 करोड़ से ज्यादा लोगों पर हुई रिसर्च
हाल ही में 2 करोड़ 20 लाख से भी ज्यादा लोगों पर एक बहुत बड़ी स्टडी की गई, जिसके नतीजे हमारी आंखें खोलने वाले हैं:

इसे भी पढ़े -  IPL 2026 के पहले 7 मैचों का एनालिसिस: चेज करने वाली टीम का दबदबा, रन रेट में उछाल और औसत स्कोर में गिरावट

डिप्रेशन: इससे हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है।
एंजाइटी: यह भी दिल के दौरे के जोखिम को ऊपर ले जाती है।
खराब नींद: सही से न सो पाना आपके दिल के लिए सीधा खतरा है।

गहरा मानसिक आघात (PTSD): जिन लोगों को PTSD होता है, उनमें हार्ट अटैक का खतरा 3 गुना तक ज्यादा देखा गया है।

बीमारी के असली जड़ को कर रहे हैं नजरअंदाज
डॉक्टर का कहना है कि इतने स्पष्ट आंकड़ों के बावजूद, हमारी मेडिकल अप्रोच अभी भी पुरानी है। हम कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए ‘स्टेटिंस’ जैसी दवाइयां तो खूब लिखते और खाते हैं, लेकिन हम स्ट्रेस, बर्नआउट और खराब नींद को पूरी तरह से नजरअंदाज कर देते हैं।

हार्मोन्स का बिगड़ता संतुलन और बढ़ता तनाव
जब आप लगातार मानसिक तनाव से गुजरते हैं और आपकी नींद बार-बार टूटती है, तो शरीर के अंदर कई नकारात्मक बदलाव होते हैं। इससे शरीर में सूजन पैदा होती है, ब्लड प्रेशर अचानक तेजी से बढ़ने लगता है और हार्मोन्स का संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाता है। ये सभी चीजें मिलकर हमारी आर्टरीज को नुकसान पहुंचाती हैं, जिससे आखिरकार एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम का खतरा पैदा हो जाता

इसे भी पढ़े -  Sakti News : पचमढ़ी में राष्ट्रीय पर्वतारोहण आपदा प्रबंधन शिविर आयोजित, जिला संघ सक्ती से 07 स्काउट्स एवं 11 गाइड्स प्रतिभागी होंगे शामिल, पचमढ़ी के लिए हुए रवाना

स्वस्थ दिमाग ही सुरक्षित दिल की चाबी है
इसे एक आसान नियम की तरह समझें- अगर आपका दिमाग स्वस्थ नहीं है, तो आपका दिल भी सुरक्षित नहीं है। इसलिए, मानसिक समस्याओं को हल्के में न लें। अपने मानसिक विकारों का सही इलाज कराने और हार्ट अटैक के खतरे को कम करने के लिए आज ही किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।

इसे भी पढ़े -  IPL 2026 के पहले 7 मैचों का एनालिसिस: चेज करने वाली टीम का दबदबा, रन रेट में उछाल और औसत स्कोर में गिरावट

error: Content is protected !!