




जांजगीर-चाम्पा. पंतोरा क्षेत्र में ‘एंट्री वसूली’ जमकर हो रही है. ट्रैक्टर संचालकों से हर माह वसूली का यह सिलसिला लगातार जारी है. अफसरों को इसकी जानकारी है, फिर भी कार्रवाई करने के बजाय वे आंख मूंदे बैठे हैं. ऐसे में अवैध वसूली रुक नहीं रही है. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है, क्या ‘एंट्री वसूली’ में उच्च अफसरों की भी संलिप्तता है ?

दरअसल, ट्रैक्टर को कृषि कार्य के लिए लिया जाता है, लेकिन ज्यादातर ट्रैक्टर का कामर्सियल उपयोग किया जाता है. इस वजह से ‘एंट्री वसूली’ की जाती है. पंतोरा क्षेत्र में सैकड़ों ट्रैक्टर है, जिसमें रेत, गिट्टी, मुरुम समेत अन्य चीजों का परिवहन किया जाता है. इस तरह ट्रैक्टर संचालकों को कार्रवाई करने को लेकर डराया जाता है और हर महीने ‘एंट्री वसूली’ की जाती है. सबसे बड़ी बात, यह सिलसिला कई बरस से जारी है.
ट्रैक्टर संचालकों से हर माह 2 से 3 हजार रुपये एंट्री वसूली की जाती है. इससे ट्रैक्टर संचालक परेशान हैं, लेकिन कार्रवाई के डर के आगे वे नतमस्तक हो जाते हैं और बरसों से ‘एंट्री’ के नाम पर हर माह रुपये देते आ रहे हैं. इस तरह पंतोरा क्षेत्र में अवैध वसूली, बरसों से जारी है. अब देखना होगा, ‘एंट्री वसूली’ बंद होगी ? या फिर पहले की तरह ऐसे ही बदस्तूर जारी रहेगी ?





