



जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने होली के पावन पर्व पर शराब दुकानें खोलने का जो फैसला लिया है, वह न केवल सनातन धर्म की परंपराओं का अपमान है, बल्कि राज्य की कानून व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी घातक साबित होगा। भाजपा सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता नागेंद्र गुप्ता ने कहा कि उमंग हंसी खुशी और प्रेम भाईचारे के त्यौहार होली में छत्तीसगढ़ की सारी दुकानें बंद रहेंगी, लेकिन सिर्फ शराब दुकान खुली रहेगी और भाजपा सरकार ने दारू बेचने का निर्णय लिया है. पहले होली से एक दिन पहले सभी शराब दुकानें बंद कर दी जाती थीं, जिससे शराब के नशे में बहकने वाले असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगता था और लोग शांति से त्योहार मना पाते थे, लेकिन अब सरकार ने नई आबकारी नीति में ड्राई डेज को घटाकर मात्र 4 कर दिया है, जिसमें होली, मुहर्रम और गांधी निर्वाण दिवस जैसे महत्वपूर्ण दिन शामिल नहीं हैं.
यह फैसला स्पष्ट रूप से राजस्व बढ़ाने के लालच में लिया गया है, जो भाजपा की दोहरी नीति को उजागर करता है. भाजपा हमेशा से सनातन संस्कृति की रक्षक होने का दावा करती रही है और चुनावों में इसी आधार पर वोट मांगती है, लेकिन सत्ता में आते ही वह अपनी संस्कृति को भूलकर सिर्फ आर्थिक लाभ की ओर ध्यान दे रही है. छत्तीसगढ़ में पहले से ही कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है. अपराध दर बढ़ रही है, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा खतरे में है. ऐसे में होली जैसे रंगों और खुशियों के त्योहार पर शराब की बिक्री खुली रखना हुल्लड़बाजों और असामाजिक तत्वों को बढ़ावा देगा, जिससे आम आदमी का शांतिपूर्ण उत्सव मनाना मुश्किल हो जाएगा. क्या सरकार को राज्य की सांस्कृतिक विरासत और नागरिकों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है. इस फैसले का पुरजोर विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि सरकार तत्काल इसे वापस ले. होली को ड्राई डे घोषित किया जाए और परंपरागत रूप से शराब दुकानें बंद रखी जाएं.





