क्या आपका बच्चा भी रातभर जागकर पढ़ता है? तुरंत रोकें, वरना नींद की कमी बर्बाद कर देगी मेहनत

बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक आते ही बच्चों के दिमाग सिर्फ पढ़ाई का प्रेशर रहता है। इस दौरान कई स्टूडेंट्स ऐसा सोचते हैं कि अगर हम ज्यादा देर जागकर पढ़ेंगे, तो तैयारी अच्छे से होगी और सबसे ज्यादा नंबर आएंगे, लेकिन यह सच नहीं है।



सच तो यह है कि पढ़ाई के चक्कर में नींद से समझौता करना दिमाग और सेहत दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है। कई स्टडीज में यह बात साबित हो चुकी है। स्टडी के मुताबिक नींद की कमी आपकी याददाश्त पर प्रभाव डाल सकती है।

भूल जाते हैं पढ़ी हुई चीजें
2021 में साइकोलॉजिकल बुलेटिन जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक अगर आप पढ़ाई के बाद पूरी नींद नहीं लेते हैं, तो आपको पढ़ी हुई चीजें 20 से 40% कम याद रहती है। इसलिए दिमाग को पूरा आराम देना जरूरी है, जिससे मेमोरी शार्प हो सके और एग्जाम में कम गलतियां हो। परीक्षा में अच्छे नंबर पाने के लिए सिर्फ पढ़ाई नहीं, नींद पूरी करना भी बहुत जरूरी है।

एक अन्य अध्ययन में पाया गया है कि अच्छी नींद पढ़ी हुई बातों को दिमाग में सेव करने का काम करती है। ऐसे में नींद की कमी की वजह से दिमाग को सभी इंफॉर्मेशन को सेव करने का समय नहीं मिल पाता, जिससे आप अगले दिन पढ़ी हुई बातें आधी से ज्यादा भूल जाते हैं।

देर रात तक क्यों जागते हैं छात्र?
मोबाइल और इंटरनेट के असर सबसे ज्यादा छात्रों पर देखने को मिलता है। इन दिनों सोशल मीडिया के लगातार आते नोटिफिकेशन भी एक बड़ी चुनौती बन गई है। ये सभी चीजें छात्रों का ध्यान भटकाती हैं, जिससे स्लीप साइकिल बिगड़ जाता है। स्लीप साइकिल बिगड़ने की वजह से बच्चों को लेट नाइट जागना आसान लगने लगता है।

इसके अलावा एग्जाम के दिनों में कई बार स्टूडेंट्स ज्यादा समय तक जागने के लिए कॉफी या एनर्जी ड्रिंक्स का सहारा लेते हैं। शुरुआत में यह आदत सभी को अच्छी लगती है, लेकिन लगातार इन्हें पीने की आदत आपकी सेहत और नींद दोनों के लिए हानिकारक हो सकती है।

नींद क्यों जरूरी है?
टीनएज एक ऐसा समय है, जिस दौरान नई-नई चीजें सीखना, याद रखना और समझना दिमाग के विकास के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए भरपूर नींद जरूरी है, क्योंकि सोने के बाद हमारा दिमाग पूरी तरह रिलैक्स मोड पर चला जाता है, जिसमें वह पूरे दिन की अच्छी बातों को स्टोर करने का काम करता है।

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