




जांजगीर-चाम्पा. निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता की उत्कृष्ट विवेचना से गैंगरेप की पीड़िता को मिला न्याय, फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट से मामले के सभी चार आरोपियों को 20-20 साल सश्रम कारावास की सजा, सभी आरोपी घटना करने के बाद नेपाल भागने की फिराक में थे, उससे पहले पकड़े गए थे…

नाम आरोपी – 
1- मनोज कुमार पटेल निवासी कोरबा
2- नरेंद्र कुमार पटेल निवासी कोरबा
3- रामकुमार पटेल निवासी कोरबा
4- धरम चौहान निवासी नागरदा जिला शक्ति
* जिले के SP विजय कुमार पाण्डेय (भापुसे) के द्वारा आरोपीयों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के दिए गए थे निर्देश
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 18.05.2025 को थाना चाम्पा में एक गंभीर घटना हुई थी, जिसमें 4 आरोपियों के द्वारा एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था उक्त घटना उस समय घटी जब पिड़ीता अपने पिता के साथ घर पर थी. आरोपी पूर्व परिचित थे और घटना वाले दिन उन्होंने पीड़िता के घर भोजन भी किया पिता के सो जाने के बाद सभी आरोपियों ने युवती को जबरन दूसरे कमरे में ले जाकर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और मौके से फरार हो गए थे पीड़िता की मां के द्वारा घटना के संबंध में सूचना थाना चाम्पा को दी गई थी, जिस पर थाना चाम्पा में आरोपियों के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।
विवेचना के दौरान घटनास्थल का फोरेंसिक एक्सपर्ट से निरीक्षण कराया गया तथा घटना से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किया गया, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे को चेक किया गया, जिसमें आरोपियों की उपस्थिति दिखाई दी, सभी आरोपियों के मोबाइल का टावर लोकेशन साइबर सेल के माध्यम से लिया गया जो सभी आरोपी घटना के समय उपस्थित दिखे, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु थाना चाम्पा से थाना प्रभारी जयप्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष टीम रवाना हुई थी जो घटना करने के बाद सभी आरोपी रायगढ़ कोरबा मार्ग से होते हुऐ नेपाल भाग रहे थे जिन्हें पुलिस टीम के द्वारा करतला जिला कोरबा के घने जंगलों से पकड़ा गया था पुलिस टीम के द्वारा सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. उक्त मामले में विवेचना कार्रवाई पूर्ण कर चारों आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था, जिसमें कोर्ट के द्वारा प्रकरण में जल्द सुनवाई किया गया और कोर्ट के द्वारा साक्ष्य सबूत के आधार पर चारों आरोपियों को 20-20 साल के सश्रम कारावास और 50-50 हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया गया है.
पुलिस के द्वारा की गई त्वरित कार्यवाही और आरोपियों को सजा मिलने से पीड़िता और उसके परिजन तथा आमजन में पुलिस और न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास बढ़ा है.
उपरोक्त कार्रवाई में निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता तत्कालीन थाना प्रभारी चाम्पा, सहायक उप निरीक्षक अरुण कुमार सिंह, सहायक उप निरीक्षक मुकेश कुमार पांडेय, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र कुमार टंडन, आरक्षक भूपेंद्र गोस्वामी,माखन साहू,अर्जुन यादव, हजारी लाल मेरसा का विशेष योगदान रहा.





