Janjgir Judgement : न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय जांजगीर ने आरोपी को 1 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई…

जांजगीर. न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय जांजगीर श्रीमती अंजू कंवर न्यायालय द्वारा पीड़िता की लज्जा का अनादर करने के आशय से पीड़िता के घर में घुसकर अपशब्द कहने के दोषी आरोपी राहुल सिंह उर्फ सोना,पिता सतीश कुमार निवासी केरा रोड जांजगीर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(3) में 01 वर्ष कठोर कारावास एवं धारा 79 में 01 वर्ष कठोर कारावास तथा अर्थदंड की सजा दी गई।

 



नवीन कानून न्याय संहिता के अंतर्गत घटित घटना के एक वर्ष के भीतर एफआईआर दर्ज होकर विवेचना पूर्ण बाद न्यायालय में विचारण हेतु चालान प्रस्तुति उपरांत न्यायालय में गवाहों का परीक्षण पूर्ण होकर मामला निराकृत हुआ।

घटना 17/06/2025 दिन के समय थाना जांजगीर क्षेत्र स्थित पीड़िता के घर की है जहां पीड़िता किचन में काम कर रही थी और घर के अन्य सदस्य भी घर पर अपने अपने कार्य में व्यस्त थे उसी समय आरोपी जिसके विरुद्ध पूर्व में भी पीड़िता द्वारा थाना में की गई शिकायत पर पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज होकर मामला चला था, के द्वारा पीड़िता के घर में स्वयं को छिपाते हुए घुस कर छुपा हुआ था और जिस समय घर के अन्य सदस्य अपने काम में व्यस्त थे उस समय पीड़िता की ओर बढ़ते हुए अपशब्द कहे और उसे पकड़ने की कोशिश कर रहा था जिस पर पीड़िता द्वारा चिल्लाने पर घर के शेष सदस्यों को आता देख आरोपी वहां से भाग गया।

इसे भी पढ़े -  Chhattisgarh News : निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पारिवारिक सदस्यों के प्रतिनिधियों के रूप में नाम-निर्देशन पर रोक, राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना

पीड़िता की ओर से उसकी माता द्वारा घटना के संबंध में थाना जांजगीर में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई जिस पर अपराध दर्ज कर विवेचना दौरान गवाहों के कथनों के लेख के अतिरिक्त पीड़िता का मजिस्ट्रेट के समक्ष कलम बंद बयान लेखबद्ध कराया गया और विवेचना पूर्ण होने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(3) एवं धारा 79 के तहत चालान न्यायालय मे पेश किया गया।

इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa Fraud Arrest : पुलिस ने 33 प्रकरणों में 5 म्यूल खाताधारकों की गिरफ्तार किया, सायबर थाना पुलिस की कार्रवाई... 

न्यायालय में गवाहों के परीक्षण प्रति परीक्षण बाद न्यायालय ने आरोपी को पीड़िता के घर में घुसकर उसकी लज्जा का अनादर करने का दोषी पाते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(3) में 01 वर्ष कठोर कारावास व अर्थदंड एवं धारा 79 में 01 वर्ष कठोर कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई तथा अर्थदंड की राशि जमा न करने पर पृथक से कारावास का आदेश दिया।

शासन की ओर से अभियोजन संचालन एस.अग्रवाल सहायक जिला अभियोजन अधिकारी जांजगीर द्वारा किया गया।

इसे भी पढ़े -  Sakti News : भाजयुमो जिलाध्यक्ष आलोक पटेल ने वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी का जताया आभार
error: Content is protected !!