Raigarh Police Crime Meeting : एडिशनल एसपी अनिल सोनी के सख्त निर्देश, लंबित गंभीर अपराधों का प्राथमिकता से करें निराकरण’, अपराध दर्ज होने के बाद समयसीमा का रखें ध्यान…60 दिन के भीतर सामान्य मामलों के निराकरण के निर्देश…

हिमांशु साहू, रायगढ़. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशानुसार पुलिस नियंत्रण कक्ष रायगढ़ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी द्वारा जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में जुलाई माह में जिले के विभिन्न थानों द्वारा अपराध नियंत्रण एवं पुलिस अभियानों के तहत की गई कार्यवाहियों की समीक्षा करते हुए लंबित अपराधों के शीघ्र निराकरण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, अवैध प्रवासियों की जांच तथा जुआ-सट्टा और नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

 



बैठक के प्रारंभ में एएसपी अनिल सोनी ने जिले में संचालित अवैध प्रवासियों की जांच, ऑपरेशन आघात, ऑपरेशन शंखनाद, ऑपरेशन क्लीन हंट, ऑपरेशन अंकुश एवं अभियान संवेदना के तहत जुलाई 2026 में थानों द्वारा की गई कार्रवाई के आंकड़ों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासियों की जांच जितनी बारीकी और गंभीरता से की जाएगी, उसका प्रभाव अपराध नियंत्रण पर भी दिखाई देगा। कई बार बाहरी तत्व चोरी, लूट सहित अन्य वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं, ऐसे में होटल एवं मकान मालिकों द्वारा अपने यहां ठहरने वाले व्यक्तियों एवं किरायेदारों की जानकारी रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को अभियान चलाकर होटल संचालकों एवं मकान मालिकों से उनके यहां ठहरने वाले व्यक्तियों एवं किरायेदारों की जानकारी “समाधान ऐप” के माध्यम से अपलोड कराने के निर्देश दिए।

अपराध नियंत्रण के साथ महिला-बच्चों संबंधी मामलों में संवेदनशीलता के निर्देश –

बैठक में अनिल सोनी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह की मंशा के अनुरूप अवैध प्रवासियों की जांच, जुआ-सट्टा एवं नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, फरार आरोपियों की धरपकड़ तथा महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। एएसपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी थाना क्षेत्र में जुआ-सट्टा संगठित रूप से संचालित नहीं होना चाहिए और अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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2025 और 2026 के अपराध आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा-

क्राइम मीटिंग में वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 के प्रथम सात माह में दर्ज अपराधों, पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई तथा अपराधों के निकाल की स्थिति की तुलनात्मक समीक्षा की गई। जिन थानों में प्रतिबंधात्मक एवं लघु अधिनियम के तहत अपेक्षाकृत कम कार्रवाई पाई गई, उन्हें कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए। एएसपी ने सभी थानों के लंबित गंभीर अपराधों की एक-एक कर समीक्षा की तथा अपराध लंबित रहने के कारणों पर विस्तृत चर्चा करते हुए शीघ्र निकाल के लिए थाना प्रभारियों एवं विवेचकों को मार्गदर्शन दिया। इसी प्रकार लंबित मर्ग एवं शिकायतों की भी समीक्षा कर समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए।

आदतन बदमाशों पर धारा 129 BNSS के तहत कार्रवाई के निर्देश –

एएसपी सोनी ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई को प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए संदिग्ध एवं आदतन अपराधियों के विरुद्ध अधिक से अधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने आदतन बदमाशों के विरुद्ध धारा 129 BNSS (पूर्व धारा 110 CrPC) के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा, ताकि अपराध की पुनरावृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। साथ ही अवैध शराब के विरुद्ध कार्रवाई में ग्रामीणों का सहयोग लेने तथा सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

60-90 दिन में अपराधों के निराकरण पर जोर, CCTNS एंट्री अनिवार्य –

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बैठक में एएसपी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी जिलों में पुलिस कार्यों की लगातार समीक्षा की जाती है। अपराध दर्ज होने के बाद उसके निराकरण के लिए निर्धारित समयसीमा का पालन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने पूर्व में एसएसपी शशि मोहन सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि सामान्य अपराधों का 60 दिवस के भीतर निराकरण सुनिश्चित करें तथा निराकरण की आवश्यक प्रविष्टि CCTNS में अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। गंभीर मामलों में निर्धारित समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए विवेचना को गति देने के निर्देश दिए गए।

डिजिटल पुलिसिंग को बढ़ावा, CCTNS और ऑनलाइन पोर्टल की एंट्री पूर्ण करने के निर्देश –

नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ पुलिसिंग में ऑनलाइन एवं डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा दिए जाने की जानकारी देते हुए एएसपी ने सभी विवेचकों को प्रशिक्षण से जुड़कर नई प्रक्रिया की बारीकियां सीखने के निर्देश दिए। उन्होंने CCTNS, शिकायत पोर्टल एवं साइबर संबंधी पोर्टल पर आवश्यक एंट्री समय पर पूर्ण करने, न्यायालयीन कार्यवाही में ऑनलाइन पेशी का पालन करने, ई-समंस की तामिली सुनिश्चित करने तथा किसी भी स्थिति में न्यायालयीन पेशी मिस नहीं करने के निर्देश दिए।

अत्यधिक लंबित मामलों वाले थानों पर विशेष निगरानी –

क्राइम मीटिंग में जिन थानों में अपेक्षाकृत अधिक मामले लंबित पाए गए, वहां एसडीओपी एवं थाना प्रभारियों को अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक लेकर लंबित मामलों के निराकरण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। एएसपी ने कहा कि लंबित अपराधों के निराकरण में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक विवेचक अपने मामलों की प्रगति की नियमित समीक्षा करे।

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के कार्यों की भी समीक्षा –

क्राइम मीटिंग के पश्चात जिले में पदस्थ प्रशिक्षु उप निरीक्षकों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। एएसपी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारियों एवं अनुभवी विवेचकों से अपराध विवेचना की बारीकियां सीखने तथा नवीन कानूनों एवं डिजिटल पुलिसिंग की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने के निर्देश दिए।

बैठक में एएसपी ट्रैफिक पुष्पेन्द्र बघेल, सीएसपी मयंक मिश्रा, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, आरआई अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे.

एसएसपी शशि मोहन सिंह की मंशा के अनुरूप अपराध नियंत्रण पर फोकस :
बैठक के माध्यम से जिले में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए त्वरित विवेचना, समयबद्ध अपराध निराकरण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, आदतन अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, अवैध गतिविधियों पर अंकुश तथा डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

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