एनएमडीसी ने निवारक सतर्कता प्रशिक्षण के लिए विस्तारित क्लासरूम संकल्पना का शुभारंभ किया

हैदराबाद. एनएमडीसी में “सतर्क भारत- समृद्ध भारत” विषय पर सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2020 का प्रारम्भ 27 अक्टूबर 2020 को सुमित देव, सीएमडी, एनएमडीसी द्वारा प्रतिज्ञा दिलाए जाने के साथ प्रारंभ हुआ। जिसका समापन 02 नवंबर 2020 को समापन समारोह के साथ हुआ।मुख्यालय में आयोजित समापन समारोह में देश भर में स्थित एनएमडीसी की परियोजनाओं तथा खानों के अधिकारियों ने “विस्तारित क्लासरूम संकल्पना” के माध्यम से भाग लिया ।
यह संकल्पना अधिकारियों को कैरियर के प्रारंभ, मध्य तथा वरिष्ठ स्तरों पर नियमित आधार पर निवारक सतर्कता का प्रशिक्षण देने के लिए केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा संजय कोठारी के नेतृत्व में की गयी परिकलपना के अनुरूप है। “विस्तारित क्लासरूम संकल्पना” क्लास रूम तथा ऑनलाइन प्रशिक्षण दोनो के लाभ प्राप्त करने के लिए समुचित हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर का मिश्रण है।
सुमित देब, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, एनएमडीसी ने अपने संबोधन में कहा कि ” निवारक सतर्कता संगठन में पारदर्शिता एवं सत्यनिष्ठा को प्रोत्साहित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है तथा यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।“ उन्होंने “विस्तारित क्लासरूम संकल्पना” का विकास करने के लिए सतर्कता विभाग की सराहना की जो बडे स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए महामारी की इन परिस्थितियों मे किफायती तथा प्रभावशाली समाधान है।
पी.के.सतपथी, निदेशक (उत्पादन) ने कहा कि केस स्टडी के माध्यम से ज्ञान साझा करना बहुत उपयोगी होगा।
अमिताभ मुखर्जी, निदेशक (वित्त) ने प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए उदाहरण दिया कि किस प्रकार उसैन बोल्ट का 20 वर्षों का प्रशिक्षण उनके कुछ मिनटों के प्रदर्शन में सहायक रहा जिसके कारण उन्होंने ओलम्पिक में 08 गोल्ड मेडल जीते। उन्होंने यह भी कहा कि “ कर्मचारियों को भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों के बारे में भी जानकारी दी जानी चाहिए ताकि सब लोग हर समय सतर्क रहें।“
आलोक मेहता, निदेशक (वाणिज्य) ने कहा कि प्रशिक्षण का संकर स्वरूप बहुत महत्वपूर्ण एवं नवोन्मेषी है जिससे संगठन को उत्कृटता प्राप्त करने में निश्चय ही सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर बोलते हुए वी.वी.एस.श्रीनिवास, मुख्य सतर्कता अधिकारी ने सतर्क भारत समृद्ध भारत के लिए सहभागितापूर्ण एवं निवारक सतर्कता की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि, “लोक सेवकों का ध्यान सरकार तथा करदाता रखते हैं अतः उनकी नैतिक जिम्मेवारी है कि वे सतर्क रहें।“
उन्होंने कहा कि “ प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठन के भीतर क्षमता निर्माण के लिए आंतरिक संसाधनों से तैयार किए गए हैं जिनका उद्देश्य अधिकारियों को पारदर्शिता बनाए रखते हुए निर्धारित प्रक्रियाओं की सीमा के अंदर प्रभावशाली रूप से कार्य के लिए तैयार करना है।“
सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2020 के दौरान आयोजित भाषण एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को इस अवसर पर पुरस्कार वितरित किए गए।



इसे भी पढ़े -  Janjgir Putla Dahan : राज्य सरकार द्वारा जारी जमीन खरीदी की नई गाइडलाइन का विरोध, कांग्रेस ने राज्य सरकार का पुतला दहन किया...

error: Content is protected !!