BRATA Virus alert: एंड्राइड यूजर हो जाएं सावधान, एक गलती और खाली हो जाएगा बैंक अकाउंट

नई दिल्ली.  स्मार्टफोन यूजर्स सतर्क हो जाएं, क्योंकि मार्केट में BRATA मैलवेयर का नया वेरिएंट आ गया है, जो कि स्मार्टफोन की बैंकिंग डिटेल चोरी कर सकता है। इस नये BRATA वेरिएंट से बैंकिंग फ्रॉड का खतरा बढ़ गया है। दरअसल ऐसी शिकायत मिली है कि BRATA मैलवेयर का नया वेरिएंट एंड्राइड हैंडसेट में मौजूद बैंकिंग ऐप की सिक्योरी चेक को धोखा देकर पैसे चोरी कर सकता है। रिसर्च की मानें, तो नया वेरिएंट डिवाइस के डेटा को भी डिलीट कर देता है। इस बारे में इसको लेकर Cleafy की तरफ से सूचना दी गई है।

 



क्या है BRATA मैलवेयर

BRATA मैलवेयर का नाम ब्राजीलियन रिमोट एक्सेस टूल, एंड्राइड है। जिसकी पहचान साल 2019 में की गई थी। हालांकि रिसर्च रिपोर्ट में दावा किया गया है कि BRATA मैलवेयर का नया वेरिएंट आ गया है, जो ज्यादा खतरनाक है।

कैसे काम करता है BRATA मैलवेयर

इसे भी पढ़े -  Raigarh News : जनऔषधि केंद्र में 50 से 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध, मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित केन्द्र का जिला पंचायत सीईओ ने किया निरीक्षण

दरअसल BRATA वायरस एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम बेस्ड डिवाइस को निशाना बनाता है। एंड्राइड स्मार्टफोन ओपन सोर्स बेस्ड होते हैं। जो थर्ड पार्टी ऐप इंस्टॉल करने की इजाजत देते हैं। इसी थर्ड पार्टी ऐप के सहारे BRATA वायरस का नया वेरिएंट आपके स्मार्टफोन में एंट्री करता है। इसके बाद साइबर फ्रॉड को अंजाम देता है।

ई-बैंकिंग ऐप के लिए खतरा

आईटी सिक्योरिटी रिसर्चर और इटली स्थित फ्रॉड मैनेजमेंट फर्म Cleafy के मुताबिक इस मैलवेयर से डिवाइस पर इंस्टॉल बैंक एप्स से फ्रॉड करना है। BRATA का नया वेरिएंट जीपीएस व कीलॉगिंग को भी ट्रैक कर सकता है। यानी मैलवेयर यूजर्स की लोकेशन को ट्रैक करने के साथ-साथ उसकी एक्टिविटी के आधार पर डाटा तक भी पहुंच सकता है।

इसे भी पढ़े -  Raigarh News : तंबाकू नियंत्रण अभियान में 20 पान ठेलों पर कार्रवाई, 1,830 रुपये का जुर्माना, स्वास्थ्य, औषधि एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई, कोटपा अधिनियम का पालन करने दुकानदारों को दी गई समझाइश

कैसे करें बचाव

एंड्रॉइड यूजर को थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड करने से बचना चाहिए।

गूगल प्ले स्टोर ऐप डाउनलोड करते वक्त जरूरी परमिशन की ही इजाजत दें।

फोन को हमेशा अपडेट रखें।

फोन में थर्ड पार्टी ऐप वेरीफाई करके डाउनलोड करना चाहिए।

इसे भी पढ़े -  CG Transfer News : वन विभाग में बड़ा फेरबदल, 64 वन अधिकारियों का हुआ ट्रांसफर, किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी... देखिए पूरी सूची....

Related posts:

error: Content is protected !!