2000 साल पुराने रोमन सिक्कों का मिला खज़ाना, सिविल वॉर के दौरान सैनिक ने छिपाया था जंगल में, पढ़िए इतिहास….

इटली के एक जंगल से 175 चांदी के सिक्कों का खज़ाना मिला है. बताया जा रहा है कि रोमन सिविल वार के दौरान इन सिक्कों को सुरक्षित रखने के लिए ज़मीन में दफन किया गया होगा.

 



 

 

 

सिक्के 82 ईसा पूर्व के बताए जा रहे हैं, जिस साल रोमन जनरल लुसियस कॉर्नेलियस सुल्ला (Lucius Cornelius Sulla) ने रोमन गणराज्य के नेताओं के साथ अपने दुश्मनों के खिलाफ एक खूनी युद्ध लड़ा था, जिसमें सुल्ला की जीत हुई थी और इसके बाद वह तानाशाह के तौर पर पहचाना गया.

 

 

पुरातत्वविदों का मानना है कि किसी सैनिक ने सिक्के छिपाए होंगे
पुरातत्वविदों ने 175 चांदी के सिक्कों की जांच की और अनुमान लगाया कि इन्हें किसी रोमन सैनिक ने मिट्टी में छिपाया होगा, जो बाद में युद्ध में मारा गया होगा. बताया जा रहा है कि इन सिक्कों की कीमत आज के हजारों डॉलर के बराबर है.
टस्कनी में लिवोर्नो शहर के एक जंगल में पाए गए सिक्के

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यूके में न्यूकैसल यूनिवर्सिटीमें क्लासिक्स और एंशिएंट हिस्ट्री के हेड और इतिहासकार फेडेरिको सेंटेंजेलो (Federico Santangelo) का मानना है कि इन सिक्कों को किसी व्यापारी ने दफनाया होगा, जो परेशानी वाले समय के लिए अपना पैसा सुरक्षित रखना चाहता होगा. सेंटेंजेलो इस खोज में शामिल नहीं थे.

 

 

 

सेंटेंजेलो का कहना था कि ऐसे सिक्के जमा करने वाले लोगों की कहानियों से पता चलता है कि इन्हें युद्ध के दौरान दफनाया दिया जाता था. कई लोग संकट के समय अपने धन को दफना देते थे, लेकिन किन्हीं वजहों से इसे वापस लेकर नहीं जा पाते थे.
कुछ सिक्के 157 या 156 ईसा पूर्व के और कुछ 83 या 82 ईसा पूर्व के हैं.

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शोधकर्ताओं ने 2021 में एक मिट्टी के बर्तन में इन सिक्कों को दफन पाया था. लेकिन इस खोज को गुप्त रखा गया था, ताकि साइट की पूरी जांच की जा सके. सिक्कों की खोज, पुरातात्विक समूह के एक सदस्य ने टस्कनी में लिवोर्नो शहर के उत्तर-पूर्व में जंगल के एक नए कटे हुए इलाके से की थी. पुरातात्विक जांच में पता चला है कि ये शुरुआती सिक्के 157 या 156 ईसा पूर्व के हैं, जबकि बाद में मिले सिक्के 83 या 82 ईसा पूर्व के थे.

 

 

 

 

पुरातत्वविद लोरेला एल्डरिघी (Lorella Alderighi) कहती हैं कि सिक्कों को गुल्लक में रखकर छिपाया गया था. तब कीमती सामान को छिपाने का सबसे आसान तरीका उन्हें घरों से दूर ज़मीन में दफन करना था, जहां कोई उन्हें ढूंढ न सके. लेकिन जिसने भी सिक्कों को दफनाया वह उन्हें वापस लेने के लिए कभी नहीं लौटा.

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