केदारनाथ यात्रा : घोड़े से अधिक वजन उठाने के लिए जबरन पिलाया नशीला पदार्थ, वीडियो देखकर लोगों का खून खौल गया!

केदारनाथ यात्रा 2023 का प्रथम चरण लगभग समाप्ति पर है। लेकिन इस ‘पावन यात्रा’ से जुड़े एक दर्दनाक वीडियो ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। हम जानते हैं कि केदारनाथ यात्रा को आसान और अपने वजनी सामान को ऊपर तक ले जाने के लिए कुछ श्रद्धालु घोड़े व खच्चरों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन आपने कभी सोचा है कि इन बेजुबानों से ज्यादा से ज्यादा वजन उठाने के लिए उन पर कितना अत्याचार होता है? अगर नहीं सोचा तो यह वीडियो आपकी आंखें खोल देगा। इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे खच्चर से अधिक भार उठाने के लिए उसे जबरदस्ती नशीला पदार्थ पिलाया जा रहा। हालांकि, इसकी पुष्टी नहीं हुई है कि वीडियो कब का है। हालांकि, मामला वायरल होने के बाद रूद्रप्रयाग पुलिस द्वारा मामला संज्ञान में लिया गया और घोड़ा संचालक के विरुद्ध IPC की धारा व पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

 



अगर फिट नहीं हैं तो मत जाइए यात्रा पर…

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यह वीडियो को इंस्टाग्राम पर @tedthestoner नाम के हैंडल से 23 जून, शुक्रवार को पोस्ट किया गया। खबर लिखे जाने तक इंस्टाग्राम रील को 74 लाख व्यूज और 1 लाख 69 हजार लाइक्स मिल चुके हैं। साथ ही, सैकड़ों यूजर्स ने इस पर कमेंट किए हैं। आपको ज्यादा ही दिक्कत हो तो बेजुबानों का नहीं हेलीकॉप्टर का सहारा लें। वहीं कुछ ने कहा कि सरकार को पशुओं के प्रति क्रूरता पर सख्त नियम बनाने चाहिए। इसी तरह अन्य यूजर्स ने भी लोगों से गुजारिश की कि अगर आप चढ़ाई नहीं कर सकते तो कृपया घर पर ही बैठे। जबकि इस वीडियो को देखकर बहुत से लोग दिल भर आया। इस पूरे मामले पर आपका क्या कहना है? कमेंट में बताइए।

20 दिनों के भीतर 60 से ज्यादा खच्चरों की मौत
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अपनी पोस्ट में शख्स ने बताया- बहुत से खच्चरों और घोड़ों से आखिरी सांस तक काम लिया जाता है। अधिक से अधिक भार उठाने के लिए उन पर कोड़े बरसाए जाते हैं और नशीली दवाएं भी दी जाती हैं। केदारनाथ यात्रा के शुरुआती 20 दिनों के भीतर 60 से ज्यादा खच्चरों की मौत हो गई। अगर आप बेकसूर बेजुबानों पर इस हद तक अत्याचार करते हैं कि वे भगवान के दरबार तक पहुंचने के लिए आपका बोझ उठाते हुए मर जाए, तो दोस्त कोई भी भगवान आपको देखकर खुश नहीं होगा! अगर आप अनफिट हैं तो मत जाइए, और अगर आपके रिश्तेदार भी अनफिट हैं तो उन्हें भी मत जाने दीजिए। प्रत्येक जीवित प्राणी के प्रति दयालु होने से बढ़कर ईश्वर की पूजा का कोई और तरीका नहीं है।

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भगावन ऐसी यात्रा से कतई खुश नहीं होंगे!

उन्होंने आगे लिखा – जब ये घोड़े और खच्चर ज्यादा भार से दबे होने के कारण खड़े नहीं पाते तो उनके मालिक (घोड़ापालक) बेजुबानों पर बेहिसाब लाठियां बरसाते हैं। इतना ही नहीं, खाने की कमी और जी तोड़ काम लिए जाने के कारण मरने वाले घोड़ों/खच्चरों के शरीर को वे रास्ते में ही छोड़ देते हैं। अगर आप केदारनाथ या किसी और जगह पर जाते हैं तो कृपया अपने सामान के साथ किसी बेजुबान पर बैठने का विकल्प कभी न चुनें। क्योंकि आपका वजन ढोने के लिए ना सिर्फ उन्हें पीटा जाता है बल्कि नशीला पदार्थ दिया जाता है।

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