गिरौदपुरी में गुरूदर्शन मेला 28 फरवरी से, सभी तैयारियां पूर्ण, मेले में 15 स्थानों पर दाल-भात केन्द्र स्थापित, मांस-मदिरा, प्लास्टिक और कैरीबेग प्रतिबंधित, कानून व्यवस्था के लिए 20 मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी

रायपुर. संत शिरोमणि बाबा गुरू घासीदास की तपोभूमि में गुरूदर्शन मेला 28 फरवरी से शुरू हो रहा है. बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के गिरौदपुरी में यह मेला तीन दिनों तक अर्थात् एक मार्च तक चलेगा। लाखों की संख्या में देश-विदेश से बाबा के अनुयायी इस दौरान दर्शन के लिए जुटते हैं। मेले के सुचारू संचालन के लिए अनुविभागीय अधिकारी कसडोल को मेला अधिकारी नियुक्त किया गया है। मेले में लोगों की बुनियादी सुविधाएं एवं कानून व्यवस्था संबंधी तमाम प्रशासनिक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। मेला विकास समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है। गुरूदर्शन मेला की व्यवस्था के लिए मुख्य मेला परिसर, कुतुबमीनार से भी ऊंचा नवनिर्मित जैतखाम, अमृत कुण्ड, महाराजी, छाता पहाड़, पंचकुण्डी, जन्म स्थली आदि सेक्टरों में पुलिस, पीएचई, विद्युत विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। पूरे मेला परिसर में 200 से अधिक समूहों द्वारा 15 स्थानों पर दाल-भात केन्द्र बनाया गया है। इन केन्द्रों में श्रद्धालुओं को रियायती दर पर मात्र 10 रूपए में भोजन उपलब्घ कराने की व्यवस्था की गई है। मेले में पेयजल और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। मेला विकास समिति में लिए गए निर्णय के अनुसार दस किलोमीटर के क्षेत्र में मेला के दौरान मांस-मदिरा, तम्बाकू-गुटखा, प्लास्टिक और कैरीबेग को प्रतिबंधित किया गया है। पूरे परिसर में सुरक्षा बल के साथ-साथ चप्पे-चप्पे पर पूरे राज्य भर से आए 20 कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई गई है, दस सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।



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