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मकान के पंजीयन की राशि में की गई कमी : अब ईडब्ल्यूएस भवन के लिए 25 हजार रूपए तथा एलआईजी भवन के लिए 50 हजार रूपए होगी पंजीयन राशि, कोरोना संकटकाल में मकान खरीददारों को मिलेगी बड़ी राहत

रायपुर. वन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर अटल नगर स्थित पर्यावास भवन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के 64वां मण्डल सम्मिलन की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में चर्चा करते हुए आम नागरिकों की सुविधाओं के मद्देनजर अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल की समस्त योजनाओं में रेरा के मापदण्डों के पालन में वर्तमान में प्रचलित पंजीयन शुल्क में कटौती करने का भी अहम् निर्णय लिया गया। इसके तहत वर्तमान में एकमुश्त 15 प्रतिशत पंजीयन राशि के स्थान पर अब हाउसिंग बोर्ड की समस्त योजना अंतर्गत निर्मित तथा निर्माणाधीन ईडब्ल्यूएस भवन के लिए 25 हजार रूपए तथा एलआईजी भवन के लिए 50 हजार रूपए की पंजीयन राशि निर्धारित की गई।
कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण राज्य में हाउसिंग बोर्ड के अंतर्गत स्ववित्तीय, एकमुश्त तथा ऑफर योजना अंतर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन आबंटित भवनों के देय किश्त की तिथि को बढ़ाकर 30 जून तक निर्धारित की गई। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा स्ववित्तीय योजना अंतर्गत 8 हजार 336 भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा 5 हजार 861 भवनों का आवंटन कर दिया गया है। इनमें मण्डल द्वारा आबंटित भवनों की राशि किश्तों में प्राप्त किए जाते हैं। कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन अवधि में राज्य में 20 मार्च से लेकर 17 मई तक सभी कार्यालयों और कार्यालयीन गतिविधियों तथा निर्माण कार्य रोक दिए गए थे। इसके कारण हितग्राहियों द्वारा मण्डल को किश्त की राशि जमा करने में परेशानी हो रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए आबंटित भवनों के देय किश्त की तिथि को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। बैठक में चर्चा करते हुए मण्डल के कार्यों में अब लोक निर्माण विभाग की तरह 20 लाख से ऊपर की राशि के कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग होगी। इसके पहले मण्डल में 5 लाख की राशि से ऊपर के कार्यों में ई-टेंडरिंग की जरूरत पड़ती थी।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री अकबर ने हाउसिंग बोर्ड में एक व्यक्ति द्वारा एक ही मकान खरीदने के प्रावधान में भी रियायत देने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। इसके तहत अब एक व्यक्ति को एक से अधिक मकान खरीदने की छूट होगी। इस दौरान हाउसिंग बोर्ड की आय के स्रोत को बढ़ाने के लिए अब बोर्ड के माध्यम से आवासीय भू-खण्ड विकसित कर बिक्री करने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा अटल विहार योजना के अंतर्गत गोबरा नवापारा में निर्माणाधीन आवासीय भवनों तथा भूमि विकास कार्य को पूर्ण करने के लिए 3 करोड़ रूपए तथा दुर्ग जिले के परसदा-कुम्हारी में 7 करोड़ 20 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति का भी अनुमोदन किया गया। इसी तरह अटल आवास योजना अंतर्गत दुर्ग जिले के पाटन में निर्मित 235 भवनों के मरम्मत तथा विकास कार्य के लिए एक करोड़ 47 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति का अनुमोदन किया गया। बैठक में अटल विहार योजना के अंतर्गत बीजापुर जिले के कोतापाल में 60 नग एलआईजी स्वतंत्र भवन और 121 ईडब्ल्यूएस स्वतंत्र भवनों के निर्माण कार्य आदि के लिए 13 करोड़ 82 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर सचिव आवास एवं पर्यावरण सुश्री संगीता पी., आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल डॉ. अय्याज तंबोली तथा आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश जितेन्द्र शुक्ला सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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