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कोरेन्टाइन सेंटर से घर लौटकर आए मजदूर की मौत, 14 दिन रहकर 31 मई को घर पहुंचा था मजदूर, 17 मई को गुजरात से आया था, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम पहुंची मौके पर, पीएम रिपोर्ट से मौत के कारण का पता चलेगा, देर रात घर में मजदूर की मौत, मजदूर की पत्नी ने कहा, ‘कोई बीमारी नहीं थी’

जांजगीर-चाम्पा. कोरेन्टाइन सेंटर में 14 दिन रहकर घर लौटे मजदूर की देर रात मौत हो गई. मजदूर की मौत के बाद स्वास्थ्य अमला हरकत में आया और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंची. मृतक मजदूर का नाम बोटलाल खूंटे था. मामला पामगढ़ क्षेत्र के भदरा गांव का है. मजदूर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. पीएम रिपोर्ट से मजदूर की मौत के कारण का पता चलेगा. उसकी पत्नी का कहना है कि मजदूर बोटलाल को कोई बीमारी नहीं थी.

भदरा गांव के मजदूर बोटलाल खूंटे, 17 मई को गुजरात से आया था, जिसके बाद उसे बोरसी गांव के क्वारेंटाइन सेंटर में क्वारेंटाइन किया गया था. 31 मई को मजदूर को मुक्त किया गया था. इसके बाद मजदूर घर में रह रहा था.
देर रात मजदूर बोटलाल की अचानक मौत हो गई. परिजन ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी. इसके बाद प्रशासन हरकत में आया. मौके पर पुलिस टीम पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

फिलहाल, मजदूर की मौत कैसे हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है. पामगढ़ थाना प्रभारी आरएल टोंडे ने बताया कि डॉक्टर द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है, पीएम रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट होगी.
पामगढ़ एसडीएम अनुपम तिवारी ने बताया कि बोरसी सेंटर में मजदूर क्वारेंटाइन था. इस दौरान उसे कोई तकलीफ नहीं थी. पीएम रिपोर्ट से मजदूर की मौत के कारण का पता चल जाएगा.

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