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जिला अस्पताल में मजदूर की मौत, तबियत खराब होने पर कोरेंटाइन सेंटर से लाया गया था जिला अस्पताल, बुधवार को ही पंजाब से लौटा था

जांजगीर-चाम्पा. जिले में क्वारेंटाइन सेंटर के एक मजदूर की फिर मौत हो गई है. जिले में प्रवासी मजदूर की मौत का यह चौथा मामला है.
हसौद क्षेत्र के धमनी गांव के क्वारेंटाइन सेंटर से 4 जून गुरुवार को दोपहर 12 बजे, मजदूर को तबियत खराब होने पर जिला अस्पताल जांजगीर लाया गया था. यहां मजदूर का इलाज डॉक्टरों ने किया, लेकिन उसकी शाम को मौत हो गई. मृतक मजदूर, झरप गांव का रहने वाला था.
यह मजदूर, बुधवार को 3 जून को पंजाब से लौटा था और हसौद क्षेत्र के धमनी गांव के क्वारेंटाइन सेंटर में लाया गया था. गुरुवार की सुबह मजदूर की तबियत बिगड़ गई. उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम को उसकी मौत हो गई.
मजदूर की मौत किस कारण से हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है. पीएम रिपोर्ट से मजदूर की मौत के कारण का पता चलेगा.
इधर, इस मामले में जिला पंचायत सीईओ तीर्थराज अग्रवाल ने बताया कि जिला अस्पताल में इलाज करने वाले डॉक्टर ने जानकारी दी है कि मजदूर को शराब पीने की आदत थी, जिससे उसका लीवर डेमेज हो गया था और इसलिए उसकी तबियत भी खराब हो गई और इलाज के दौरान मजदूर की मौत हो गई.
फिलहाल, मजदूर की मौत के कारण, स्पष्ट तौर पर सामने नहीं आया है. पीएम रिपोर्ट से मौत के कारण का पता चल सकेगा.
आपको बता दें, जिले के मुलमुला क्वारेंटाइन सेंटर में मजदूर की मौत हो चुकी है. हथनेवरा क्वारेंटाइन सेंटर की गर्भवती मजदूर महिला की जिला अस्पताल में मौत हुई थी. इसी दिन हसौद क्वारेंटाइन सेंटर के मजदूर की पेट में फुलाव होने से मौत हुई थी, जो तुषार गांव का रहने वाला था. उन 3 मौतों को जिला प्रशासन ने बीमारी और अन्य वजहों से होना बताया गया था. इन तीनों का रैपिड जांच भी की गई थी, जो निगेटिव आई थी. अभी जिले के धमनी क्वारेंटाइन सेंटर के मजदूर की जिला अस्पताल में मौत हो गई है, जिसके बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं ?

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