राज्य की तीन सिंचाई परियोजना का कार्य शीघ्र शुरू करेगा सीआईडीसी, सीआईडीसी की बोर्ड बैठक में अहिरन-खारंग लिंक परियोजना, छपराटोला फीडर जलाशय तथा रेहर-अटेम लिंक परियोजना के संबंध में गहन चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद राज्य की तीन महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं अहिरन-खारंग लिंक परियोजना, छपराटोला फीडर जलाशय तथा रेहर अटेम लिंक परियोजना का काम शीघ्र शुरू कराए जाने के संबंध में आज कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, वन एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर की विशेष मौजूदगी में सीआईडीसी बोर्ड की बैठक में विचार-विमर्श किया गया।
यह बैठक जल संसाधन मंत्री के निवास कार्यालय में हुई। बैठक में अहिरन-खारंग लिंक परियोजना, छपरा टोला फीडर जलाशय तथा रेहर अटेम लिंक परियोजना का कार्य सीआईडीसी के माध्यम से कराने के निर्णय के साथ ही उक्त तीनों सिंचाई परियोजनाओं सर्वेक्षण एवं विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के संबंध में चर्चा की गई। इन तीनों परियोजनाओं को पूरा करने पर लगभग 2000 करोड़ रूपए खर्च होंगे।
जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने जल संसाधन विभाग तथा सीआईडीसी के अधिकारियों से उक्त तीनों सिंचाई परियोजनाओं के काम को तेजी से शुरू कराए जाने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री श्री चौबे ने इनकी विस्तृत कार्ययोजना (डीपीआर) तैयार कर पीएफआईसी को प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। बैठक में उक्त तीनों सिंचाई परियोजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति के संबंध में भी चर्चा की गई।
बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त एवं जल संसाधन अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव वन मनोज पिंगुआ, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता, जल संसाधन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, राजस्व सचिव सुश्री रीता शांडिल्य, सीआईडीसी के प्रबंध संचालक अनिल राय, प्रमुख अभियंता जल संसाधन जयंत पवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में जानकारी दी गई कि अहिरन खारंग लिंक परियोजना एक पेयजल परियोजना है। जिसकी लागत 720.52 करोड़ रूपए है। कोरबा जिले के कटघोरा विकासखण्ड के ग्राम पोड़ी गोसाई के समीप अहिरन नदी पर बांध निर्माण कर वहां संग्रहित जल को पाईप लाईन के जरिए खारंग जलाशय में जाएगा। खारंग जलाशय से नगर पालिक निगम बिलासपुर को 31 मिलियन घन मीटर तथा रतनपुर शहर को 1.11 घन मीटर पानी पेयजल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
इसी तरह रेहर-अटेम लिंक परियोजना के माध्यम से सरगुजा जिले की रेहर नदी को हसदेव नदी से जोड़ा जाना है। गौरतलब है कि सूरजपुर जिले के डेडरी ग्राम के समीप रेहर बैराज निर्माणाधीन है। जहां से पानी चैनल के माध्यम से ग्राम परसापाली के समीप बिछली नाला में छोड़कर झिंक नदी से जोड़ना प्रस्तावित है।
छपराटोला फीडर जलाशय का निर्माण अरपा नदी पर कोटा तहसील के ग्राम छपरापारा के पास प्रस्तावित है। इसकी लागत लगभग 968 करोड़ रूपए है। छपराटोला फीडर जलाशय का निर्माण का उद्देश्य अरपा नदी का संरक्षण कर ग्रामीणों की आजीविका के साधन बढ़ाने, 22 गांवों में भू-जल संवर्धन तथा पर्यावरण संतुलन को बनाए रखना है।

 



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