सभी पंजीकृत किसानों से खरीदेंगे धान, निश्चिंत रहें किसान : भूपेश बघेल, किसानों और धान खरीदी को लेकर मुख्यमंत्री और क्या कुछ कहा… पढ़िए…

रायपुर. प्रदेश में धान खरीदी तेजी से हो रही है, अब तक लगभग 58 प्रतिशत किसानों का धान खरीदा जा चुका है, हम सभी पंजीकृत किसानों से धान खरीदने प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह बात दुर्ग जिले के पाटन ब्लाॅक के जामगांव-आर में आयोजित बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह में कही। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि सभी सोसाइटी में किसानों के लिए धान खरीदी के अच्छे प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं और इसके लिए बेहतर व्यवस्था बनाई गई है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी हुई थी, इस साल एक करोड़ मीट्रिक टन धान खरीदी की संभावना है। उन्होंने कहा कि देश भर में डीएपी का संकट है और छत्तीसगढ़ में इस संकट से निपटने के लिए वर्मी कंपोस्ट एवं सुपर कंपोस्ट के निर्माण को बढ़ावा देने का बड़ा लाभ हुआ है। मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद किसानों से वर्मी कंपोस्ट से आए उत्पादन के बारे में पूछा। किसानों ने बताया कि वर्मी कंपोस्ट से अच्छी फसल हुई है, फसल की चमक भी अच्छी है।

 



इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa Fraud Arrest : पुलिस ने 33 प्रकरणों में 5 म्यूल खाताधारकों की गिरफ्तार किया, सायबर थाना पुलिस की कार्रवाई... 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में गोधन न्याय योजना के माध्यम से मिसाल स्थापित की है। इस बार राजपथ में छत्तीसगढ़ के गोधन न्याय योजना की अनुपम झांकी भी दिखेगी और प्रदेश में हो रहे कृषि से संबंधित नवाचारों की झलक भी देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गोबर केवल लीपने के काम आता था, अब यह पोतने के काम भी आएगा। गोबर से पेंट बनाने के लिए काम चल रहा है। इसके अलावा गांव में गोबर के माध्यम से बिजली का उत्पादन भी होगा। इसके लिए बाहर के विशेषज्ञ शीघ्र ही आएंगे और इस पर तकनीकी रूप से काम आगे बढ़ेगा।

इसे भी पढ़े -  Champa News : सरस्वती शिशु मंदिर चांपा के विज्ञान मेले में अंशिका ऐरन अग्रवाल ने दिखाई वैज्ञानिक प्रतिभा

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि बाबा गुरु घासीदास का संदेश मनखे-मनखे एक समान का था। उनके द्वारा दिया गया समानता का यह भाव छत्तीसगढ़ी समाज में गहराई से पनपा है। सतनाम पंथ का सफेद ध्वज शांति का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि नशा सामाजिक बुराई की जड़ है इस वजह से महिलाओं को विशेष रुप से तकलीफों का सामना करना पड़ता है। चाहे सतनाम समाज हो या अन्य सभी समाज, सभी समाजों से अगर नशा मुक्ति की पहल हो, जन जागरूकता अभियान तेजी से चलाया जाए, तो इस बुराई को कम करने में बड़ी सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

इसे भी पढ़े -  Chhattisgarh News : निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पारिवारिक सदस्यों के प्रतिनिधियों के रूप में नाम-निर्देशन पर रोक, राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना
error: Content is protected !!