15 मिनट से ज्यादा नहाना सेहत के लिए नुकसानदायक, ये 5 गलतियां करने से भी बचें

नहाते वक्त जाने-अनजाने हो रही गलतियां हमारी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं. इससे ना सिर्फ आपकी स्किन, बल्कि बालों को भारी नुकसान हो सकता है. नहाते समय हमें साबुन और शैम्पू में मौजूद कैमिकल प्रोडक्ट्स का ख्याल रखना चाहिए जिनके भयानक साइड इफेक्ट्स देखने को मिल सकते हैं.



मेडिसिन डायरेक्ट के सुप्रीटेंडेंट फार्मासिस्ट हुस्सैन अब्देह ने कुछ ऐसी ही गलतियों को बारीकी से देखा है. एक्सपर्ट का कहना है कि ज्यादातर साबुन या शैम्पू को बहुत देर तक अप्लाई करने से त्वचा पर उनका ड्राई इफेक्ट पड़ने लगता है. इसलिए साबुन या शैम्पू के इस्तेमाल के बाद बॉडी और बालों को शॉवर के नीचे अच्छे से धोना जरूरी है. वरना आपकी स्किन ड्राई हो सकती है, त्वचा फट सकती है.

हालांकि एक्सपर्ट ने शॉवर के नीचे बहुत देर तक खड़े रहने को लेकर भी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि बहुत देर तक शॉवर लेने से भी स्किन ड्राई हो जाती है. इसके अलावा त्वचा में लालपन आ सकता है और वो सेंसिटिव हो सकती है. एक्सपर्ट 15 मिनट से ज्यादा देर तक शॉवर लेना सही नहीं मानते हैं.

इसे भी पढ़े -  Sakti News : जिला पंचायत CEO वासु जैन पहुंचे मालखरौदा, निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा निर्देश, मालखरौदा जनपद पंचायत अध्यक्ष कवि वर्मा, सरपंच प्रतिनिधि रंजीत अजगल्ले सहित अन्य लोग रहे मौजूद

हारवर्ड हेल्थ के मुताबिक तेल, परफ्यूम और शैम्पू, कंडीशनर और साबुन में मौजूद अन्य तत्वों के भी अपने नुकसान हैं. ये तमाम चीजें एलेर्जिक रिएक्शन को बढ़ावा दे सकती हैं. हेल्थ बॉडी का सुझाव है कि नहाने की फ्रीक्वेंसी भी नहाने की ड्यूरेशन जितनी महत्वपूर्ण है. हालांकि नहाने की कोई आदर्श फ्रीकेंसी निर्धारित नहीं की गई है.

लंबे समय तक नहाने से समस्या

एक्सपर्ट की मानें तक ज्यादा देर तक नहाने से स्किन फटने लगती है जिससे बैक्टीरिया या एलेर्जी पैदा करने वाले तत्व आसानी से त्वचा में दाखिल हो सकते हैं. एंटीबैक्टीरियल साबुन नॉर्मल बैक्टीरिया को भी मारने लगता है. ये स्किन पर माइक्रोऑर्गेनिज्म के संतुलन को बिगाड़ देता है और स्किन के लिए कम अनुकूल सूक्ष्म जीवों को बढ़ावा देता है जो एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति अधिक प्रतिरोधी होते हैं.

इसे भी पढ़े -  Sakti News : 'मोर गांव की बेटी, मोर स्वाभिमान योजना' के तहत सरपंच चन्द्र कुमार सोनी की अनुकरणीय पहल, गांव में विवाह हो रही बेटियों को 31-31 सौ रुपये की भेंट

इसके अलावा, हमारे इम्यूनिटी सिस्टम को भी प्रोटेक्टिव एंटीबॉडीज और इम्यून मेमोरी के लिए नॉर्मल माइक्रोऑर्गेनिज्म, गंदगी और अन्य एनवायरोमेंटल जोखिमों द्वारा एक निश्चित मात्रा में उत्तेजना की जरूरत होती है. इसके अलावा जिस पानी से हम अपना शरीर साफ करते हैं उसमें भी नमक, हैवी मेटल, क्लोरिन, फ्लुओराइड, पेस्टीसाइड्स और तमाम तरह के कैमिकल होते हैं. पानी में मौजूद ये तत्व भी समस्या पैदा कर सकते हैं.

इसे भी पढ़े -  JanjgirChampa News : शिवरीनारायण मण्डल मे विकसित भारत जी राम जी जनजागरण कार्यशाला सम्पन्न

error: Content is protected !!