अगर आप भी जाना चाहते हैं Jungle Safari Zoo तो पहले जानिए ये नए नियम

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एशिया का पहला मानव निर्मित जंगल सफारी, नंदवन जू एवं जंगल सफारी में भी कोरोना का असर दिखाई दे रहा है. प्रबंधन ने जानवरों की सुरक्षा के लिए कड़ाई कर दी है. पर्यटकों को आरटी पीसीआर जांच रिपोर्ट के बाद ही जंगल सफारी में प्रवेश दिया जा रहा है. हालांकि कुछ पर्यटक कोरोना पॉजिटिव आए थे जिसको देखते हुए यह निर्णय लिया गया है.

 



जंगल सफारी जाने के लिए आरटी पीसीआर जांच रिपोर्ट नेगेटिव होना जरुरी

छत्तीसगढ़ में कोरोना प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. ऐसे में रायपुर शहर के करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित जंगल सफारी में भी कोरोना को लेकर पाबंदियां लगाई जा रहीं हैं. जंगल सफारी प्रबंधन के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम लगाई गई है. आरटी पीसीआर जांच के बाद ही पर्यटकों को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है. इससे पहले कोवीड की एंटीजन रिपोर्ट नेगेटिव व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाता था. अब आरटी पीसीआर जांच रिपोर्ट नेगेटिव वाले पर्यटक ही जंगल सफारी जा सकते है.

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पर्यटकों को करना होगा कोरोना गाइडलाइन का पालन

जंगल सफारी में रोजाना हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचते है. लेकिन कोरोना की तीसरी लहर के बाद प्रर्यटकों की संख्या कम हो गई है. पर्यटक रोजाना जंगल सफारी पहुंच रहे है. इसको देखते हुए अधिकारियों ने पर्यटकों से कोरोना गाइडलाइन पालन के लिए अपील की है. पर्यटकों को सफारी के अंदर खुले में मास्क फेंकने पर भी मनाही है. वहीं जंगल सफारी के गाइड सभी पर्यटकों को कोरोना गाइडलाइन की जानकारी दे रहे है. सभी पर्यटकों को मास्क लगाना अनिवार्य है. इसके अलावा सीसीटीवी से भी पर्यटकों की हलचल पर नजर रखी जा रही है.

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800 एकड़ जमीन में बनाया गया है जंगल सफारी

दरअसल नया रायपुर स्थित जंगल सफारी में वन्य जीवों के लिए 4 अलग अलग बाड़े बनाए गए है. जहां एक सुरक्षित बस के जरिए सफारी में खूंखार जंगली जानवरों को नजदीक से देख सकेंगे. पहला गेट पार करने पर शाकाहारी वन्य प्राणी सफारी जो की 30 हेक्टेयर क्षेत्र में है. यहां चीतल, सांभर, बुलबुल, बार्किंग डीयर, और ब्लैक बक शामिल हैं. दूसरे गेट में आपको खुले में भालू दिखेंगे वर्तमान में 3 भालू सफारी में है, भालू सफारी 20 हेक्टेयर क्षेत्र में है. तीसरे गेट के बाद 20 हेक्टेयर के जंगल में कहीं से भी टाइगर अपको विचरण करते दिख जाएंगे. इसके बाद अंत में 20 हेक्टेयर में शेर की मौजूदगी है. नंदवन जू में 11 बाड़ों में वन्य जीवों को रखा गया है. यहां रॉयल बंगाल टाइगर, व्हाइट टाइगर, एशियन लायन, नीलगाय, काला हिरण, घड़ियाल और अन्य वन्य जीवों को पर्यटक आसानी से देख सकते हैं.

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