मोबाइल यूजर्स दें ध्यान, बदल गए ये 3 नियम, जान लीजिए वरना होगा नुकसान… विस्तार से पढ़िए…

नई दिल्ली. नए साल की शुरुआत हो चुकी है। नया साल अपने साथ कई तरह के बदलाव लेकर आया है, जिसका सीधा असर ऑनलाइन यूजर्स पर पड़ेगा। 1 जनवरी 2022 से गूगल की तरफ से नियमों में बदलाव किया गया है। साथ ही आज से ऑनलाइन खाना मंगाना महंगा हो गया है। इसके अलावा नए साल से सिम कार्ड वेरिफिकेशन जरूरी हो गया है।



आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से –

ऑनलाइन पेमेंट –

गूगल (Google) ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के दिशा-निर्देश पर नियमों में बदलाव किया है। जिसका सीधा असर ऑनलाइन पेमेंट करने वालों पर पड़ेगा। यह नया नियम गूगल की सभी सर्विस जैसे गूगल एड (Google Ads), यू-ट्यूब (YouTube), गूगल प्ले स्टोर, और अन्य भुगतान सर्विस पर लागू होगा। 1 जनवरी के बाद ग्राहकों को मैन्युअल ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए कार्ड नंबर के साथ ही एक्सपायरी डेट याद रखनी होगी। RuPay, American Express, Discover या फिर Diners Card यूजर्स को 1 जनवरी 2022 से आपको हर मैन्युअल पेमेंट करने पर कार्ड डिटेल दर्ज करनी होगी।

इसे भी पढ़े -  वेदांता स्किल स्कूल छत्तीसगढ़ में युवा स्वावलंबन का सशक्त माध्यम

सिम कार्ड वेरिफिकेशन्स
दूरसंचार विभाग के नए नियम के मुताबिक, 9 से ज्यादा सिम रखने वाले यूजर को सिम कार्ड का वेरिफिकेशन करना अनिवार्य हो गया है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपका सिम कार्ड डिएक्टिवेट यानी बंद कर दिया जाएगा। DoT का नया निमय 7 दिसंबर 2021 से देशभर में लागू हो गया है। वेरिफिकेशन नहीं करने पर सिम को नए साल से बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

9 से ज्यादा सिम कार्ड की आउटगोइंग कॉल को 30 दिनों के अंदर बंद कर दी जाएगी। जबकि इनकमिंग कॉल को 45 दिनों के भीतर बंद करने का आदेश है। अगर सब्सक्राइबर इंटरनेशनल रोमिंग, बीमार और विकलांग व्यक्तियों को 30 दिनों का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

इसे भी पढ़े -  वेदांता स्किल स्कूल छत्तीसगढ़ में युवा स्वावलंबन का सशक्त माध्यम

ऑनलाइन फूड मंगाना हुआ महंगा
केंद्र सरकार की तरफ से जोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) जैसे फूड डिलीवरी ऐप पर 5 फीसदी टैक्स लगाया गया है। होगा। यह नया नियम 1 जनवरी 2022 से लागू हो रहा है। ऐसे में 1 जनवरी से ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना महंगा हो सकता है। बता दें कि अभी तक ऐप से फूड आर्डर करने पर रेस्टोरेंट को 5 फीसदी टैक्स देना होता था, जिसे हटाकर ऐप पर लागू कर दिया गया है। यह टैक्स जीएसटी क तहत रजिस्टर्ड और अनरजिस्टर्ड रेस्टोरेंज से खाना आर्डर करने वाले ऐप पर लागू होगा।

इसे भी पढ़े -  वेदांता स्किल स्कूल छत्तीसगढ़ में युवा स्वावलंबन का सशक्त माध्यम

error: Content is protected !!