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Tiger Pataudi : भारतीय क्रिकेट का वो सितारा जिसने सिर्फ एक आंख से दुनिया जीती

भारतीय टीम को मजबूत बनाने में मंसूर अली खान पटौदी का बड़ा हाथ रहा. 5 जनवरी 1941 को जन्मे टाइगर पटौदी अगर आज जीवित होते तो वह अपना 81वां जन्मदिन मना रहे होते. भारत के लिए 46 टेस्ट मैच खेलने वाले टाइगर पटौदी ने 40 मुकाबलों में भारतीय टीम की कमान संभाली थी.

एक हादसे में खोई दाईं आंख
अपने टेस्ट डेब्यू से पहले काउंटी सीजन के दौरान टाइगर पटौदी के साथ इंग्लैंड के होव शहर में एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसमें उनकी एक आंख पूरी तरह से काम करना बंद चुकी थी. इस हादसे के ठीक 6 महीने बाद मंसूर अली खान पटौदी उर्फ टाइगर पटौदी भारतीय टीम के लिए अपना पहला टेस्ट खेल रहे थे. उस हादसे का असर ऐसा था कि पटौदी ने अपनी आगे की जिंदगी सिर्फ बाईं आंख के सहारे ही गुजारी और गेंदबाजों की जमकर धुनाई की.

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शानदार करियर रहा
दिसंबर 1961 में इंग्लैंड की टीम भारतीय दौरे पर आई हुई थी, इसी सीरीज में टाइगर पटौदी को भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने का मौका मिला. इसके बाद टाइगर पटौदी ने 14 साल तक भारतीय टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला. पटौदी ने 46 टेस्ट मुकाबलों में 83 पारयों में 34.91 की औसत से 2793 रन बनाए. टाइगर पटौदी के नाम टेस्ट क्रिकेट में 6 शतक भी हैं. यह सभी शतक पटौदी ने सिर्फ बाईं आंख के सहारे बनाए.

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सिर्फ 3 टेस्ट के बाद कप्तान बन गए टाइगर
अपनी पहली सीरीज में ही एक शतक और अर्द्धशतक जड़ने के बाद टाइगर पटौदी को भारतीय टीम के अगले वेस्टइंडीज दौरे के बीच में ही सीधा कप्तान बना दिया गया. टाइगर भारतीय टीम की टेस्ट कमान संभालने वाले सबसे युवा कप्तान हैं. सिर्फ 3 टेस्ट मुकाबलों के अनुभव के बाद ही वो सीधे कप्तान बन गए थे. उस वक्त उनकी उम्र मात्र 21 साल की थी. दरअसर, नारी कॉन्ट्रैक्टर उस सीरीज में भारत के कप्तान थे, लेकिन उनके चोटिल होने के बाद टाइगर को टीम की कमान दे दी गई जो पहले दो टेस्ट में खेले भी नहीं थे.

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नवाब ऑफ पटौदी टाइगर पटौदी उसके बाद लंबे समय तक भारतीय टीम के कप्तान बने रहे. उन्होंने 40 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की, जिसमें 9 में जीत और 19 में हार मिली. पटौदी की ही कप्तानी में भारतीय टीम ने 1968 में न्यूजीलैंड में अपनी पहली विदेशी जीत भी दर्ज की थी. टाइगर पटौदी ने 1975 में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई में अपने शानदार करियर का अंत किया.