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Year Ender 2021 : साल 2021 की वो घटनाएं, जिसे लंबे समय तक रखा जाएगा याद… विस्तार से पढ़िए…

साल 2021 बाकी देशों के लिये भी याद रखा रखा जाएगा। ऐसी कई घटनाएं घटी, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। अमेरिका में जो बाइडेन की ताजपोशी हो या फिर अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद सरकार का तख्तापलट, जिनकी वैश्विक स्तर पर खूब चर्चा हुई। आइए जानते हैं, राजनीतिक तौर पर क्या कुछ खास रहा इस साल दुनिया में…

अफगानिस्तान में तख्ता पलट, तालिबान की सत्ता वापसी
साल 2021 अफगानिस्तान के लिए बेहद उथल पुथल वाला रहा।
15 अगस्त 2021 को अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने जैसे ही देश छोड़ा, तालिबान सक्रिय हो गया और उसने राष्ट्रपति पैलेस पर कब्जा कर लिया। इसके साथ ही अफगानिस्तान की सत्ता में तालिबान ने कब्जा कर लिया। साल 2020 में अशरफ गनी को अफगानिस्तान की सत्ता में दोबारा वापसी हुई थी, लेकिन वो राष्ट्रपति के तौर पर अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ऐलान किया था कि 31 अगस्त तक सभी अमेरिकी सेनाओं को वापसी पूरी हो जाएगी, विदेशी सैनिकों की अंतिम टुकड़ी की वापसी शुरू होते ही तालिबान ने अपने हमले तेज किए और काबुल पर कब्जा कर लिया। इस तख्तापलट के बाद से अफगानिस्तान के हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

जो बाइडेन का अमेरिकी राष्ट्रपति बनना
जो बाइडेन का अमेरिकी राष्ट्रपति बनना इस साल की सबसे बड़ी घटनाओं में प्रमुख माना जाता है, उन्होंने अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर 20 जनवरी 2021 को पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। इसके साथ ही वो अमेरिका में इतिहास में सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति बन गए। बाइडेन ने 2021 में बार-बार ‘अमेरिका इज़ बैक’ का नारा दिया। वे सत्ता संभालने के बाद से अमेरिका के सहयोगियों के साथ संबंधों को मजबूत करने के अपने वादे को पूरा करने के लिए तेजी से आगे बढ़े हैं।अमेरिका में डेमोक्रेट्स की वापसी, कैपिटल हिल में हिंसा
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आने के बाद कैपिटल हिल में हुई हिंसा दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी। कैपिटल हिल में 6 जनवरी को डोनाल्ट ट्रंप के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया, इसमें 5 लोगों की मौत हो गई। ट्रंप ने अपनी रैली में समर्थकों से ‘लड़ने’ का आह्वान किया था, जिसके बाद हिंसा के लिए ट्रंप को ही जिम्मेदार ठहराया गया। इस मामले में ट्रंप की दुनियाभर में आलोचना हुई, उनका ट्विटर अकाउंट भी बैन हो गया। हालांकि, घटना की अंतिम जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

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म्यामार में सैन्य तख्तापटल, सर्वोच्च नेता रही सू की को जेल
म्यामांर में तख्तापलट और सूकी का जेल जाना इस साल की प्रमुख घटनाओं में से एक है। एक फरवरी को म्यांमार में तख्तापलट के साथ ही सर्वोच्च नेता रही आंग सान सू की सहित कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था। तख्तापलट की अगुवाई करने वाले सेना के जनरल मिन ऑन्ग ह्लाइंग ने म्यांमार में एक साल की इमरजेंसी लगा दी। इस दौरान विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों नागरिकों की मौत हुई।
नेतन्याहू की विदाई, नेफ्ताली बेनेट बने इजराइल के राष्ट्रपति
12 साल तक इजराइल में प्रधानमंत्री का पद संभालने वाले बेंजामिन नेतन्याहू को जून 2021 में पद छोड़ना पड़ा। इसराइली संसद में नई गठबंधन सरकार के पक्ष में बहुमत होने के चलते नेतन्याहू को अपना पद गंवाना पड़ा। उनके बाद 49 साल के नेफ्ताली बेनेट इजराइल के प्रधानमंत्री बने। बेनेट की अगुवाई में अलग-अलग विचारधारा के दलों ने गठबंधन कर इजराइल में नई सरकार का गठन किया।नेतन्याहू इजराइल के सबसे लंबे समय तक 5 बार प्रधानमंत्री रहे हैं।

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खत्म हुआ मर्केल युग, 16 साल बाद जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल की विदाई
16 सालों से जर्मनी की चांसलर रहीं एंजेला मर्केल का युग खत्म हो गया। 8 दिसंबर 2021 को सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ओलाफ शॉल्त्स ने जर्मनी की बागडोर अपने हाथों में ली। बता दें कि 22 नवंबर 2005 को मर्केल जर्मनी की पहली महिला चांसलर बनी थीं। मर्केल के कार्यकाल की बात करें तो उन्होंने अपने कार्यकाल में 4 अमेरिकी राष्ट्रपतियों, 5 ब्रिटिश प्रधानमंत्रियों, 4 फ्रांसीसी राष्ट्रपतियों और 8 इतालवी प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है।

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बारबाडोस 400 साल बाद बना दुनिया का सबसे नया गणतंत्र
दक्षिण-पूर्वी कैरेबियन सागर में स्थित कैरेबियाई द्वीप राष्ट्र बारबाडोस 30 नवंबर 1966 को ही आजाद हो गया था। लेकिन ये ब्रिटेन के औपनिवेशक शासन के प्रभाव में बना रहा। हालांकि हाल ही में बारबडोस ने आधिकारिक तौर पर महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को अपने राष्ट्र के प्रमुख पद से हटा दिया और साल 1625 में ब्रिटेन का उपनिवेश बनने के करीब 400 साल बाद दुनिया का सबसे नया गणराज्य अस्तित्व में आया। बारबाडोस भारत की राजधानी दिल्ली से भी छोटा देश है।

शी जिनपिंग को मिला माओ के बराबर का दर्जा
चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दर्जे को और ऊंचा कर उन्हें पार्टी के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण नेताओं के समकक्ष रख दिया गया। चीन में राष्ट्रपति पद के लिए किसी भी नेता को केवल दो कार्यकाल ही दिया जाता है, लेकिन शी जिनपिंग के लिए CPC ने विशेष प्रस्ताव लाकर 2 कार्यकाल की बाध्यता को खत्म कर दिया। अब शी जीवनभर चीनी प्रमुख पद पर बने रहेंगे, वो माओ त्से तुंग के बाद चीन के दूसरे ऐसे राष्ट्रपति होंगे, जो जीवन भर देश की नुमाइंदगी करेंगे।