केक से लेकर आइसक्रीम तक, किसी भी रूप में चॉकलेट खाने से क्या होता है? पढ़े

हमारी देसी मिठाइयों का एक आसान विकल्प बन गई है चॉकलेट. घर में हर समय मिठाई रखना तो संभव नहीं है लेकिन जब भी कुछ मीठा खाने का मन हो तो चॉकलेट का स्वाद कभी भी और कहीं भी इंजॉय किया जा सकता है. इसे ना केवल स्टोर करना आसान होता है बल्कि इसे लेकर हाइजीन के इश्यूज भी बहुत अधिक नहीं होते हैं. हालांकि अगर आप चॉकलेट का केक और चॉकलेट से बनी आइसक्रीम को भी हेल्दी समझते हैं तो यह आपकी भूल है. क्योंकि ऐसा बिल्कुल नहीं है…



चॉकलेट खाने के फायदे
चॉकलेट खाने से त्वचा सुंदर बनती है. ऐसा चॉकलेट में पाए जाने वाले गुणों के कारण भी होता है और चॉकलेट खाने के बाद शरीर में बढ़ने वाले रिलैक्सिंग हॉर्मोन्स के कारण भी.

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चॉकलेट डोपामिन हॉर्मोन का सीक्रेशन बढ़ाने में सहायक होती है. इसे खाने से मूड बेहतर बनता है और आप खुशी का अनुभव करते हैं.

चॉकलेट में पाया जाने वाला कोकोआ आपकी स्किन सेल्स की लाइफ बढ़ाने और स्ट्रेस का असर दूर करने का काम करता है. इससे आपकी स्किन अधिक ग्लोइंग और जवां बनती है.

चॉकलेट खाने से तुरंत एनर्जी का अहसास होता है क्योंकि शुगर और कोकोआ के कारण शरीर में बल्ड का सर्कुलेशन बढ़ाने में मदद मिलती है, जिससे थकान दूर होने और नई ताजगी मिलने का अनुभव होता है.
चॉकलेट का सिर्फ एक छोटा पीस खाकर आप अपनी मीठा खाने की इच्छा को शांत कर सकते हैं. इससे आपको अपना वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी और फैट भी उतना नहीं बढ़ेगा, जितना कि अन्य मिठाइयां खाने से बढ़ता.

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इस टाइम पर चॉकलेट खाना रहता है सबसे सही
जब आपको बहुत तेज भूख लग रही हो तब आपको चॉकलेट खाने से अधिक लाभ मिलता है. क्योंकि इस समय आपके शरीर को एनर्जी की जरूरत होती है और चॉकलेट फुल ऑफ कैलरी होती है. ऐसे में चॉकलेट से मिलने वाली कैलरी आसानी से बर्न हो जाती हैं और आपको चर्बी बढ़ने की समस्या नहीं सताएगी.
क्रेविंग होने पर या मूड ऑफ होने पर चॉकलेट खाना भी सही होता है. क्योंकि इसमें पाया जाने वाला कोकोआ आपके मूड को बेहतर बनाने में मदद करता है और ब्लड सर्कुलेशन को सही बनाए रखने में भी सहायता करता है.

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