एलआईसी आईपीओ के लिए FDI के नियमों में दलाव, जानिए किसे होगा फायदा?

सरकार ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) नियमों में संशोधन किया है. इससे बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी जीवन बीमा निगम (LIC) में 20 प्रतिशत तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDIई) का खुल गया है. सरकार आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के जरिये एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी कम करने की योजना बना रही है. एलआईसी ने फरवरी में आईपीओ के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास दस्तावेज (DRHPपी) जमा कराए थे.

 



 

एलआईसी आईपीओ पर बड़ा अपडेट
पिछले महीने सेबी ने दस्तावेजों के मसौदे को मंजूरी दे दी और अब बीमा कंपनी बदलावों के साथ अनुरोध प्रस्ताव (RFP) दाखिल करने की प्रक्रिया में है. केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT) ने एलआईसी के ‘बड़े’ सार्वजनिक निर्गम से पहले कंपनी में विदेशी निवेश लाने के लिए 14 मार्च को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में संशोधन किया था.

 

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एफडीआई नीति में बदलाव
एफडीआई नीति में बदलाव के साथ डीपीआईआईटी के प्रावधानों को लागू करने के लिए फेमा अधिसूचना जरूरी थी. हाल में जारी गजट अधिसूचना में कहा गया है कि इन नियमों को विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण साधन) (संशोधन) नियम, 2022 कहा जा सकता है. अधिसूचना के जरिये मौजूदा नीति में एक परिच्छेद (पैराग्राफ) डाला गया है, जिसमें एलआईसी में स्वत: मंजूर मार्ग से 20 प्रतिशत तक एफडीआई की अनुमति है.

मौजूदा एफडीआई नीति के तहत मंजूरी मार्ग से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 20 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति है. ऐसे में एलआईसी और इसी तरह की अन्य कॉरपोरेट इकाइयों में 20 प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति देने का फैसला किया गया. इसमें कहा गया है कि एलआईसी में विदेशी निवेश जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 (एलआईसी कानून) के प्रावधानों और बीमा कानून, 1938 के ऐसे प्रावधानों के जरिये आ सकता है जो एलआईसी पर लागू होंगे. इनमें समय-समय पर संशोधन होता है.

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देश के अबतक के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम के लिए मंच तैयार करते हुए सेबी ने सरकार द्वारा एलआईसी में करीब 63,000 करोड़ रुपये में पांच प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री के लिए दस्तावेजों के मसौदे को मंजूरी दे दी है. दस्तावेजों के मसौदे के अनुसार, एलआर्ईसी का अंतर्निहित मूल्य 30 सितंबर, 2021 तक करीब 5.4 लाख करोड़ रुपये था. अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकक मिलीमैन एडवाइजर्स ने एलआईसी का अंतर्निहित मूल्य निकाला है.

 

हालांकि, दस्तावेजों में एलआईसी के बाजार मूल्यांकन का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन उद्योग के मानकों के अनुसार यह अंतर्निहित मूल्य का तीन गुना या करीब 16 लाख करोड़ रुपये होगा. एलआईसी का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा निर्गम होगा. एक बार सूचीबद्ध होने के बाद एलआईसी के बाजार मूल्यांकन की तुलना रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज से हो सकेगी. अभी तक पेटीएम ने 2021 में आईपीओ से 18,300 करोड़ रुपये जुटाए थे. यह अबतक का सबसे बड़ा आईपीओ है. इससे पहले 2010 में कोल इंडिया ने आईपीओ से 15,500 करोड़ रुपये और रिलायंस पावर में 2008 में 11,700 करोड़ रुपये जुटाए थे.

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