एक और सरकारी कंपनी को बेचने जा रही मोदी सरकार, निवेशकों को बोली लगाने आमंत्रण

नई दिल्ली: Sale Public Sector Company FSNL मोदी सरकार ने बीते दिनों देश की सबसे बड़ी और सरकारी एयरलाइन्स कंपनी एयर इंडिया को टाटा के हाथों सौंप दिया था। वहीं, इस वित्त वर्ष 2022-23 में भी केंद्र सरकार ने 65000 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा है। बताया जा रहा है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार देश की एक और बड़ी कंपनी को बेचने की तैयारी कर रही है। सरकार ने इस कंपनी से अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने की तैयारी कर ली है। हालांकि, अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि कंपनी की बिक्री से सरकार ने कितनी राशि जुटाने का लक्ष्य रखा है।

 



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Sale Public Sector Company FSNL वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को एफएसएनएल की बिक्री के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं। रणनीतिक निवेश के जरिये इसकी बिक्री की जाएगी। इसे खरीदने के इच्छुक रणनीतिक निवेशक पांच मई तक रुचि पत्र (Expression of Interest) जमा कर सकते हैं। निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने कहा है कि भारत सरकार प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण के साथ रणनीतिक बिक्री के जरिये एमएसटीसी लिमिटेड (MSTC Ltd.) की 100 फीसदी सब्सिडियरी कंपनी फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड (FSNL) का विनिवेश करने जा रही है। बीडीओ इंडिया एलएलपी (Bdo India LLP) को इसके लिए लेनदेन सलाहकार नियुक्त किया गया है।

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एफएसएनएल (FSNL) का गठन वर्ष 1979 में हुआ था। यह इस्पात मंत्रालय के अधीन है और आईएमएस प्रमाणित मिनी रत्न कंपनी है। वर्तमान में यह देश के आठ स्टील प्लांट और बीएचईएल-हरिद्वार, रेल व्हील फैक्ट्री बेंगलुरु में अपनी सेवाएं दे रही है। लौह एवं इस्पात उत्पादन के समय निकलने वाले मलबे एवं अवशेषों में से लौह मिश्रित धातुओं को अलग कर उनकी रीसाइक्लिंग करना इस कंपनी का काम है। इससे बहुमूल्य कच्चे मालों की बचत होती है और देश का करोड़ों रुपया बचता है।

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