Monkeypox Virus का नाम सुनते ही घबराएं नहीं, बस जान लें इसके लक्षण और सामान्य जानकारी, फिर नहीं सताएगा डर.. पढ़िए

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार मंकीपॉक्स से 19 देश प्रभावित हो चुके हैं और 131 से ज्यादा लोग मंकीपॉक्स से पीड़ित हैं. देखने में शरीर पर बड़े-बड़े फोड़े और फफोले वाले इस मंकीपॉक्स (Monkeypox) के और भी कई लक्षण (Sympotoms) हैं जिनसे आप शायद अंजान होंगे. किसी भी वायरस की तरह मंकीपॉक्स वायरस से बचने के लिए भी कुछ जरूरी सावधानी (Precautions) बरतना बेहद जरूरी है जिसके लिए इसकी सही जानकारी होनी चाहिए.

 



 

 

मंकीपॉक्स किस तरह शरीर को प्रभावित करता है यह भी जान लीजिए. ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस सीनियर फर्मास्यूटिकल एनालिस्ट सैम फजेली (Sam Fazeli) के अनुसार, मंकीपॉक्स चिकनपॉक्स और स्मॉलपॉक्स की तरह ही एक ओर्थोंपॉक्सवायरस है. लेकिन, मृत्यु दर के मामले में यह स्मॉलपॉक्स से कम प्रोब्लमेटिक है. मंकीपॉक्स अपने नाम के अनुसार बंदरों से फैलने वाला वायरस नहीं है. कैसे फैलता है मंकीपॉक्स?

इसे भी पढ़े -  Raigarh News : 41वें चक्रधर समारोह का 14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान में होगा आयोजन, तैयारियों को लेकर विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियां...पढ़िए

 

 

मंकीपॉक्स (Monkeypox) पीड़ित व्यक्ति के शरीर से निकले संक्रमित फ्लूइड (Contaminated Fluids) के संपर्क में आने से फैलता है. खासकर अगर व्यक्ति पीड़ित के अत्यधिक करीब आता है तब इसके फैलने की संभावना सबसे ज्यादा होती है.

 

 

मंकीपॉक्स से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आई सतह को छूने पर भी व्यक्ति मंकीपॉक्स से पीड़ित हो सकता है.

 

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार मंकीपॉक्स पीड़ित व्यक्ति के साथ सेक्स करने या शारीरिक रूप से करीब आने पर भी फैल सकता है.

 

मंकीपॉक्स के लक्षण 

मंकीपॉक्स की शुरुआत सिरदर्द और बुखार से होती है. आमतौर पर इसके शुरुआती लक्षण किसी सामान्य वायरल इन्फेक्शन (Infection) जैसे ही होते हैं.

व्यक्ति के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने लगती है. शरीर का तापमान बढ़ने लगता है और शरीर में कई तरह के केमिकल्स रिलीज होने लगते हैं जिनसे मसल्स में दर्द रहता है.

इसे भी पढ़े -  Raigarh Double Murder Arrest : डबल मर्डर और दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार, 10 माह की मासूम बच्ची की गला घोंटकर की थी हत्या...पूरी खबर पढ़िए...

1 से 2 हफ्तों के बीच कई लोगों के शरीर में रैशेज होने लगते हैं जो आगे चलकर फोड़े बन जाते हैं.

फोड़े (Pustules) होने पर बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा होता है.

 

मंकीपॉक्स से सावधानी

मंकीपॉक्स वायरस से पीड़ित होने के कुछ दिनों बाद वैक्सीन (Vaccine) लगवा लेने पर इससे बचा जा सकता है.

यह कोविड से कम संक्रामक वायरस है. इसलिए बहुत ज्यादा घबराने की आवश्यकता नहीं होती

यह बहुत जल्दी नहीं फैलता. संक्रमित व्यक्ति से आवश्यक दूरी बनाए रखने पर संक्रमण से बचा जा सकता है.

 

 

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. खबर सीजी न्यूज इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

इसे भी पढ़े -  Raigarh News : पेट्रोल पंप पर फर्जी ऑनलाइन पेमेंट दिखाकर ठगी करने वाला युवक गिरफ्तार, QR पेमेंट का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर आरोपी हो जाता था फरार, कार जब्त
error: Content is protected !!