रिलाइंस की 2.75 लाख करोड़ रुपये निवेश के साथ अडाणी समूह से मुकाबले की तैयारी. पढ़िए…

मुंबई: उद्योगपति मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) अपने 221 अरब डॉलर के कारोबार के विस्तार और विविधीकरण पर आने वाले समय में 2.75 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
रिलायंस अक्टूबर में अपनी 5जी दूरसंचार सेवाओं की शुरुआत के साथ तेल और रसायन के अपने मुख्य कारोबार में क्षमता का विस्तार भी करेगी। इसी के साथ कंपनी ने दैनिक उपभोग के उत्पाद क्षेत्र (एफएमसीजी) में कदम रखने की घोषणा कर प्रतिद्वंद्वी अडाणी समूह को टक्कर देने की भी तैयारी कर ली है।



 

 

 

 

इसके अलावा रिलायंस समूह के प्रमुख मुकेश अंबानी ने सोमवार को अपनी पुत्री ईशा को खुदरा कारोबार और छोटे बेटे अनंत को ऊर्जा कारोबार की कमान सौंपने का ऐलान कर कंपनी की उत्तराधिकार योजना का भी खाका खींच दिया।

 

 

 

अंबानी ने आरआईएल की 45वीं सालाना आमसभा (एजीएम) में ये सभी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि इस साल दिवाली तक दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में रिलायंस जियो अपनी 5जी सेवाएं शुरू कर देगा। अगले साल दिसंबर तक पूरे देश में जियो 5जी की पेशकश होने लगेगी। उन्होंने कहा कि समूह 5जी सेवाओं को शुरू करने के लिए दो लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा।

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रिलायंस इंडस्ट्रीज की खुदरा इकाई रिलायंस रिटेल विस्तार योजना के तहत अब एफएमसीजी क्षेत्र का दायरा बढ़ाने के साथ अपना खुद का ब्रांड लेकर आएगी। इसकी कमान मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी के पास होगी।

 

 

रिलायंस रिटेल देश में किराना सामान और कई अन्य उत्पाद बेचने वाले 15,196 स्टोर के साथ सबसे बड़ी खुदरा कंपनी है। इस क्षेत्र में कंपनी सीधा गौतम अडाणी से टक्कर लेगी, जो हाल में अंबानी को पछाड़कर देश के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। अडाणी समूह की कंपनी अडानी विल्मर डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों के लिए खाद्य तेल बनाती है। वह देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी है।

 

 

इसके अलावा अंबानी ने बेहद किफायती 5जी स्मार्टफोन और गूगल क्लाउड विकसित करने के लिए गूगल के साथ भी साझेदारी की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने अब भारत के लिए 5जी समाधान के विकास के लिए क्वालकॉम के साथ भी समझौता किया है।

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इसके साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने परंपरागत कारोबार में पेट्रोरसायन क्षमता का विस्तार करने के लिए अगले पांच साल में 75,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। बाजार मूल्य के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी के रूप में स्थापित रिलायंस अपने ईंधन व्यवसाय से इतर प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर विविधता लाने पर ध्यान दे रही है।

 

 

 

इस मौके पर अंबानी ने अपनी पुत्री ईशा को खुदरा कारोबार और छोटे बेटे अनंत को ऊर्जा कारोबार की कमान सौंपने की घोषणा कर देश की सबसे मूल्यवान कंपनी की उत्तराधिकार योजना स्पष्ट कर दी।

 

 

हालांकि, अंबानी ने उत्तराधिकारियों के नाम तय करने के साथ ही यह स्पष्ट किया कि वह अभी सेवानिवृत्त नहीं होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पहले की ही तरह क्रियाशील नेतृत्व देना जारी रहेगा।’’

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वहीं, ईशा ने एफएमसीजी कारोबार में प्रवेश की घोषणा करते हुए कहा कि किफायती कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की पेशकश कर प्रत्येक भारतीय की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी की जाएंगी।

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