Zoom App का करते हैं इस्तेमाल तो हो जाएं सावधान! हैकर्स के अटैक से बचने के लिए करें ये काम, सरकार ने दी चेतावनी.. पढ़िए…

Hacking इंटरनेट और स्मार्टफोन यूसेज का एक बहुत बड़ा और खतरनाक ड्रॉबैक है. हैकर्स ने अटैक करने के कई रास्ते खोज लिए हैं जिनमें से एक स्मार्टफोन ऐप्स है. सिक्योरिटी ब्रीच के जरिए हैकर्स आसानी से यूजर्स के पर्सनल डेटा को चुरा लेते हैं और फिर उसी जानकारी के जरिए बैंक अकाउंट्स तक से पैसे निकाल लेते हैं. बता दें कि इस समय हैकर्स का हथियार वीडियो कॉलिंग ऐप जूम (Zoom) है. बता दें कि जूम के जरिए स्पैमर्स यूजर्स को लूट रहे हैं और इस बात को लेकर खद भारत सरकार ने चेतावनी दी है. आइए डिटेल में जानते हैं कि जूम ऐप यूजर्स को हैकर्स से क्या खतरा है, सरकार ने इस बारे में क्या कहा है और इससे किस तरह बचा जा सकता है..

 



 

 

 

Zoom App का करते हैं इस्तेमाल तो हो जाएं सावधान

इसे भी पढ़े -  Sakti News : टेमर गांव के बैकुंठ पारा में माला सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन, सरपंच चंद्र कुमार सोनी रहे मुख्य अतिथि, कहा, 'ऐसे आयोजनों से बच्चों में संस्कृति और सृजनात्मकता का होता है विकास'

बता दें कि अगर आप जूम ऐप (Zoom App) का इस्तेमाल करते हैं तो आपको खतरा है. इस प्लेटफॉर्म पर कई सिक्योरिटी फ्लॉ देखे गए हैं जिनमें जूम खुद हैकर्स को अनुमति दे रहा है कि वो मीटिंग में जुड़ सकें और इस बात की जानकारी मीटिंग के बाकी पार्टिसिपेन्ट्स को नहीं लगेगी. ये जानकारी Indian Computer Emergency Response Team (CERT-In) से मिली है.

 

 

 

हैकर्स Zoom के जरिए कर रहे हैं अटैक

बता दें कि ब्रीच अगर सफल हुआ तो हैकर्स मीटिंग्स के ऑडियो और वीडियो फीड्स कोले सकते हैं और इन कॉल्स के दौरान शेयर हुई सेन्सिटिव जानकारी को भी एक्सेस कर सकेंगे. बता दें कि Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने हैकर्स के इस थ्रेट लेवल को ‘मीडियम’ केटेगरी में डाला है.

इसे भी पढ़े -  Sakti News : कथावाचक पं. अनिरुद्धाचार्य का कथा श्रवण करने नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल पहुंचे बम्हनीडीह, 'भागवत कथा श्रवण करने से मनुष्य को मिलती है मोक्ष की प्राप्ति'

 

 

 

 

सरकार ने दी है चेतावनी

सरकार और जूम (Zoom) ऐप का यह कहना है कि कुल मिलाकर तीन वल्नरबिलिटीज मिली हैं, जिनके नाम CVE-2022-28758, CVE-2022-28759 और CVE-2022-28760 हैं. ये ऐप के ऑन-प्रेमाइस मीटिंग कनेक्टर एमएमआर को प्रभावित करते हैं. बता दें कि जहां सरकार ने इस बारे में चेतावनी 19 सितंबर, 2022 को दी जबकि ऐप की तरफ से वार्निंग 13 सितंबर, 2022 को आई थी.

 

 

 

सुरक्षित रहने के लिए करें ये काम

अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं और हैकर्स से बचना चाहते हैं तो सरकार का यह सुझाव है कि यूजर्स डेस्कटॉप पर जूम ऐप को तुरंत अपडेट कर दें. अगर आप इस ऐप का इस्तेमाल अपने मोबाइल पर करते हैं तो वहां भी ऐप को लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट कर लें. जूम के साथ-साथ सरकार ने कहा है कि यूजर्स अपना गूगल क्रोम (Google Chrome) ब्राउजर भी अपडेट कर लें.

इसे भी पढ़े -  Akaltara News : श्री ऋषभ विद्योदय महाविद्यालय बनाहिल में परिक्षेत्र स्तरीय टेबल टेनिस महिला एवं पुरुष प्रतियोगिता संपन्न, विभिन्न महाविद्यालयों की टीमों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा, शानदार खेल का किया प्रदर्शन

Related posts:

error: Content is protected !!