World AIDS Day 2022: हर साल क्यों मनाया जाता है ‘वर्ल्ड एड्स डे’? जानें इसका महत्व और इतिहास

World AIDS Day 2022: एड्स ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस (HIV) के संक्रमण की वजह से होने वाली बीमारी है. यह वायरस इंफेक्टेड ब्लड, सीमन और वजाइनल फ्लूइड्स आदि के कॉन्टेक्ट में आने से ट्रांसमिट होता है. इस बीमारी को लेकर कई भ्रांतियां फैली हुई हैं. पूरी दुनिया में 1 दिसंबर को ‘वर्ल्ड एड्स डे’ (World AIDS Day) के रूप में मनाया जाता है. यह दिन एड्स के प्रति लोगों को जागरूक करने और उन लोगों को याद करने के लिए मनाया जाता है, जिनकी इस रोग की वजह से मृत्यु हुई है. आज हम बात करने वाले हैं वर्ल्ड एड्स डे की थीम, इतिहास और महत्व के बारे में.

 



 

 

 

वर्ल्ड एड्स डे 2022 की थीम क्या है?

वर्ल्ड एड्स डे 2022 को एक्युलाइज (Equalize) यानी समानता थीम के तहत मार्क किया गया है. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार वर्ल्ड एड्स डे एक हर व्यक्ति और कम्युनिटी के लिए एक मौका है, जिसमें वो उस हर एक व्यक्ति को याद और उनका सम्मान कर सके जिन्होनें पूरी दुनिया में इस रोग के कारण अपनी जान गंवाई है. इस साल की थीम उन चुनौतियों की सूची में शामिल हो गई है, जिनके प्रति वर्ल्ड एड्स डे ने विश्व स्तर पर लोगों को अलर्ट किया है.

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वर्ल्ड एड्स डे का इतिहास

इस दिन को मनाने की शुरुआत 1988 में हुई थी. खास बात यह है कि वर्ल्ड एड्स डे ग्लोबल हेल्थ के लिए पहला इंटरनेशनल डे था. हर साल, यूनाइटेड नेशंस की एजेंसियां, सरकारें और लोग एचआईवी से जुडी खास थीम्स पर अभियान चलाने के लिए एक साथ जुड़ते हैं. इस दिन इसके लिए लोगों को जागरूक करने के लिए तरह-तरह की एक्टिविटीज की जाती हैं. बहुत से लोग लाल रिबन पहनते हैं जो इस रोग से पीड़ित लोगों को सपोर्ट करने और जागरूकता का प्रतीक है.

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वर्ल्ड एड्स डे का महत्व

वर्ल्ड एड्स डे बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पब्लिक और सरकार को यह रिमाइंड कराता है कि यह रोगी अभी भी मौजूद है और इसके लिए लोगों को जागरूक करना और इस बीमारी से परेशान लोगों के लिए धन जुटाने की अभी भी आवश्यकता है. यह दिन दुनिया भर में एचआईवी से पीड़ित लाखों लोगों के साथ सपोर्ट दिखाने का अवसर प्रदान करता है.

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